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18 सित॰ 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 109

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 109

मैं हर दिन कथनों को कह रहा हूँ, हर दिन बोल रहा हूँ, और हर दिन अपने महान संकेतों और चमत्कारों को प्रकट कर रहा हूँ। ये सभी मेरे आत्मा के कार्य हैं। लोगों की नज़रों में मैं मात्र एक मनुष्य हूँ, लेकिन वास्तव में इसी मनुष्य में मैं अपना सर्वस्व और अपनी महान सामर्थ्य को प्रकट करता हूँ।
क्योंकि लोग मैं जो मनुष्य हूँ उसे अनदेखा करते हैं और मेरे कार्यों को अनदेखा करते हैं, और वे सोचते हैं कि ये चीज़ें मनुष्यों के द्वारा की गई हैं। लेकिन तू ऐसा क्यों नहीं सोचता है कि: क्या लोग वह सम्पन्न कर सकते हैं जो मैं करता हूँ? लोग मुझे इस हद तक नहीं जानते हैं, उन्हें मेरे वचन समझ में नहीं आते हैं, और मेरे कर्म समझ में नहीं आते हैं। दुष्ट, भ्रष्ट मनुष्य! मैं तुझे कब निगलूँगा? मैं तुझे आग और गंधक की झील में कब दफ़न करूँगा? मैं कितनी बार तुम लोगों के समूह से भगाया गया हूँ, कितनी बार लोगों ने मुझे अपमानित किया, मेरा उपहास उड़ाया और मुझे बदनाम किया है, और कितनी बार लोगों ने खुलेआम मेरी आलोचना की और मेरा अनादर किया है? अंधे मनुष्यो! क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि तुम लोग मेरे हाथों में सिर्फ मुट्ठीभर कीचड़ हो? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि तुम लोग मेरी सृष्टि की एक वस्तु हो? अब, मेरा कोप जारी किया जा रहा है और कोई भी इसके विरुद्ध बचाव नहीं कर सकता है।

17 अग॰ 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 99

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 99

क्योंकि मेरे कार्य की गति तेज़ हो रही है, इसलिए कोई भी मेरे पदचिह्नों के साथ गति बनाए नहीं रख सकता है, और कोई भी मेरे मन में प्रवेश नहीं कर सकता है, किन्तु यही एकमात्र मार्ग है जिसकी यात्रा की जानी है। यह "मरे हुओं" वैसा ही है जैसा कि जब मैं मरे हुओं में से जी उठने की बात करता हूँ (यह मेरी इच्छा को समझने में असमर्थ होना है, जो मेरे वचनों से मेरा जो मतलब है उसे समझने में असमर्थ होना है। यह मरे हुओं" की एक और व्याख्या है, और इसका अर्थ मेरे आत्मा द्वारा त्याग दिया जाना नहीं है)। जब मैंने और तुम लोगों ने इस चरण से शरीर में परिवर्तन कर लिया है, तो मरे हुओं में से जी उठने का मूल अर्थ पूरा हो जाएगा (अर्थात्, यही मरे हुओं में से जी उठने का मूल अर्थ है)। अब, तुम लोगों की स्थिति यह है: तुम लोग मेरी इच्छा को समझ नहीं सकते हो और तुम लोग मेरे पदचिह्नों को नहीं ढूँढ सकते हो।

12 जून 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 73

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 73

मेरे वचन बोलते ही तुरंत पूरे हो जाते हैं; वे कभी नहीं बदलते और पूरी तरह से सही होते हैं। इसे याद रखो! मेरे मुंह से निकले हर वचन और हर बात पर सावधानी से विचार किया जाना चाहिए। विशेष रूप से सावधान रहो, ताकि तुम्हें नुकसान न पहुँचे और तुम्हें मेरे न्याय, क्रोध और ताप को न सहना पड़े। मेरा कार्य अब बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन यह अपरिष्कृत नहीं है और यह कुछ हद तक नाजुक है—यह नग्न आँखों के लिए लगभग अदृश्य है और मनुष्य के हाथों से छुआ नहीं जा सकता है। यह विशेष रूप से नाजुक है। मेरे वचन कभी खाली नहीं होते और सारे सच होते हैं। तुम्हें विश्वास करना चाहिए कि हर वचन सत्य और सटीक है। लापरवाह न बनो; यह अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है! इसी पल में आशीर्वाद या दुर्भाग्य निहित है। इनका अंतर स्वर्ग और पृथ्वी की तरह है। तुम स्वर्ग में जाओगे या नरक में, यह पूरी तरह से मेरे नियंत्रण में है। नरक को जाने वाले लोग अपनी मृत्यु के समय के अंतिम संघर्ष में प्रवृत्त हैं, जबकि स्वर्ग में जाने वाले लोग अपनी पीड़ा के आख़िरी दौर में हैं और मेरे लिए अंतिम बार खप रहे हैं, और भविष्य में वे जो कुछ भी करते हैं, वह आनंद लेना और प्रशंसा करना है, उन सभी छोटी छोटी चीजों के बिना जो लोगों को परेशान करती हैं (शादी, काम, कष्टप्रद धन, हैसियत, इत्यादि)। लेकिन नरक में जाने वाले लोगों की पीड़ा हमेशा के लिए होती है (यह बात उनकी भावना, आत्मा और शरीर को संदर्भित करती है), वे कभी भी मेरे दंड देने वाले हाथ से बच नहीं सकते। ये दोनों पक्ष अग्नि और जल की तरह असंगत हैं। यहाँ कोई उलझन नहीं है: जो लोग दुर्भाग्य का सामना करते हैं, वे दुर्भाग्य से पीड़ित होते रहेंगे, जबकि जो लोग धन्य हैं वे जी भर के आनंद लेंगे।

11 जून 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 72

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 72

जैसे ही तुम्‍हें किसी कमी या दुर्बलता का पता चले, उसे दूर करने के लिए तुम्‍हें मुझ पर भरोसा रखना चाहिए। विलम्‍ब न करो; अन्‍यथा पवित्र आत्‍मा का कार्य तुमसे बहुत दूर होगा, और तुम बहुत पीछे रह जाओगे। जो कार्य मैंने तुम्‍हें सौंपा है, वह, तुम्‍हारे, मेरे समीप आने, प्रार्थना करने और मेरी उपस्थिति में सहभागिता करने पर ही पूरा हो सकता है। यदि नहीं, तो कोई परिणाम प्राप्‍त न होंगे, और सब कुछ व्‍यर्थ होगा। मेरा आज का कार्य वैसा नहीं है जैसा वह पूर्व में था। उन लोगों में, जिन्‍हें में प्रेम करता हूँ, जीवन का परिमाण पहले जैसा नहीं है। वे मेरे वचन स्‍पष्‍ट रूप में समझते हैं, और उनके प्रति उनमें कुशाग्र प्रवीणता होती है। यह सर्वाधिक स्‍पष्‍ट पहलू है, यह मेरे कार्य की अद्भुतता को परावर्तित करने मे सबसे अधिक सक्षम है। मेरे कार्य की गति तीव्र हो गई है, और मेरा कार्य निश्चित रूप से अतीत से भिन्‍न है। लोगों के लिए इसकी कल्‍पना करना कठिन है, और उससे भी अधिक, लोगों के लिए इसकी थाह पाना असंभव है। तुम लोगों के लिए अब कुछ भी रहस्‍य नहीं है; बल्कि सभी कुछ ज्ञात और प्रत्‍यक्ष करा दिया गया है। यह पारदर्शी है, मुक्‍त किया हुआ है, और, इसके अतिरिक्‍त, यह पूर्णत: स्‍वतंत्र है। जिन्‍हें मैं प्रेम करता हूँ वे निश्चित रूप से किसी भी व्‍यक्ति, घटना, वस्‍तु या किसी स्‍थान अथवा भूभाग से सीमित न होंगे; वे सभी प्रकार के परिवेशों के नियंत्रण के परे चले जाएंगे तथा देह से उभर जाएंगे। यह मेरे महान कार्य का समापन है। कुछ भी शेष न रहेगा; उसका पूरी तरह अंत हो जाएगा।

28 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 57

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 57

क्या तुमने अपनी प्रत्येक सोच, विचार और कार्य की जांच की है? क्या तुम स्पष्ट हो कि इनमें से कौन-से मेरी इच्छा के अनुसार हैं और कौन नहीं हैं? तुम्हारे पास अंतर समझने की कोई क्षमता नहीं है! तुम मेरे पास क्यों नहीं आए हो? क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं तुम्हें नहीं बताऊंगा, या यह किसी अन्य कारण से है? तुम्हें यह पता होना चाहिए! जानो कि जो लापरवाह हैं वे मेरी इच्छा को बिल्कुल भी समझ नहीं सकते हैं या महान रोशनी और प्रबुद्धता को प्राप्त नहीं कर सकते हैं।
क्या तुमने उन कारणों की खोज की है जिनकी वजह से कलीसिया फल-फूल नहीं पाया है और जिनकी वजह से वास्तविक साहचर्य की कमी है? क्या तुम जानते हो कि कितने कारक तुम्हारी वजह से हैं? मैंने तुम्हें जीवन प्रदान करने और मेरी बात को फैलाने के निर्देश दिए थे। क्या तुमने ऐसा किया है? क्या अपने भाइयों और बहनों की जीवन में प्रगति की देरी की तुम ज़िम्मेदारी ले सकते हो? जब समस्याएं आती हैं, तो शांत और स्थिर होने के बजाय तुम परेशान हो जाते हो। तुम सही में अज्ञानी हो! मेरी आवाज़ को संतों के बीचे फैलाया जाना चाहिए। पवित्र आत्मा के काम को दबाओ मत और मेरे लिए समय में देरी न करो; इससे किसी को लाभ नहीं मिलेगा। मैं चाहता हूं कि शरीर और मस्तिष्क, पूरी तरह से, तुम मेरी ओर समर्पित रहो, ताकि तुम्हारी हर सोच और विचार मेरे लिए हो, तुम वही चाहो जो मैं चाहता हूं, वही सोचो जो मैं सोचता हूं, और जो भी तुम करो वह आज के राज्य और मेरे प्रबंधन के लिए हो, तुम्हारे अपने लिए नहीं। केवल यही मेरे दिल को संतुष्ट करेगा।

14 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 41

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 41

कलीसिया में उत्पन्न होने वाली समस्याओं के बारे में इतनी सारी गलतफ़हमियां मत रखो। जब कलीसिया का निर्माण होगा, तो गलतियों से बचना असंभव रहेगा, लेकिन जब तुम समस्याओं का सामना करो तो घबराओ मत; शांत और स्थिर रहो। क्या मैंने तुम लोगों को यह नहीं बताया है? अक्सर मुझसे प्रार्थना करो, और मैं स्पष्ट रूप से तुम्हें अपने इरादे दिखाऊंगा। कलीसिया मेरा दिल है और यह मेरा अंतिम लक्ष्य है, मैं इसे कैसे प्यार नहीं करूंगा? डरो मत, जब इस तरह की चीज़ें कलीसिया में होती हैं, तो यह सब मेरी अनुमति से होती हैं। खड़े हो जाओ और मेरी आवाज़ बनो। विश्वास रखो कि सभी चीज़ों और सभी मामलों की अनुमति मेरे सिंहासन द्वारा है और सभी में मेरे इरादे हैं। यदि तुम इरादतन साहचर्य जारी रखोगे तो समस्याएं होंगी, क्या तुमने परिणामों के बारे में सोचा है? यह वह चीज़ है जिसका लाभ शैतान उठाएगा। मेरे पास अक्सर आओ। मैं स्पष्ट रूप से बात करूंगा: यदि तुम मेरे समक्ष आए बिना कुछ करने जा रहे हो, तो यह न सोचना कि तुम उसे पूरा कर पाओगे। तुम ही लोग हो जिन्होंने मुझे इस स्थिति में डाला है।
निराश न हो, कमज़ोर न बनो, मैं तुम्हारे सामने प्रकट करूंगा। राज्य की राह इतनी आसान नहीं है, कुछ भी इतना सरल नहीं है! तुम चाहते हो कि आशीष आसानी से मिल जाएं, हैं न? आज हर किसी को कड़वे परीक्षणों का सामना करना होगा, अन्यथा तुम लोगों के पास जो मुझे प्यार करने वाला दिल है वह मजबूत नहीं होगा और मेरे लिए तुम्हारा प्यार सच्चा नहीं होगा। यहां तक कि यदि मामूली परिस्थितियां भी होंगी, तो भी सभी को उनसे गुज़रना होगा, बस वे कुछ हद तक भिन्न होंगी। परिस्थिति मेरे आशीषों में से एक है, मेरा आशीष प्राप्त करने के लिए कितने हैं जो मेरे सामने घुटने टेकते हैं? बेवकूफ़ बच्चे! तुम्हें हमेशा महसूस होता है कि कुछ भाग्यशाली वचन मेरा आशीष हैं, फिर भी तुम्हें यह नहीं लगता कि कड़वाहट मेरे आशीषों में से एक है। जो लोग मेरी कड़वाहट को बांटेंगे वे निश्चित रूप से मेरी मिठास भी साझा करेंगे। यह मेरा वादा है और तुम लोगों को मेरा आशीष है। खाने और पीने और आनंद लेने में संकोच न करो। जब अंधेरा गुज़र जाएगा, तब रोशनी होगी। सुबह होने से पहले सबसे अधिक अंधेरा होता है; इस समय के बाद धीरे-धीरे उजाला हो जाएगा, और बाद में सूर्य उदय होगा। डरो मत या कायर मत बनो। आज मैं अपने बेटों का समर्थन करता हूं और उनके लिए अपनी शक्ति का उपयोग करता हूं।
जब कलीसिया की बात आती है, तो अपने उत्तरदायित्व से मुंह न मोड़ो। यदि तुम मेरे पास इस मामले को ईमानदारी से लाओगे, तो तुम्हें कोई राह मिल जाएगी। जब ऐसी कोई छोटी बात आती है, तो तुम डर जाते हो और घबरा जाते हो, तुम्हें समझ नहीं आता कि तुम क्या करो? मैंने कई बार कहा है, "अक्सर मेरे पास आओ!" क्या तुम लोगों ने ईमानदारी से उन चीज़ों का अभ्यास किया है जो मैंने तुम्हें करने के लिए कहा है? मेरे वचनों पर कितनी बार तुमने विचार किया है? इसलिए, तुम्हारे पास कोई स्पष्ट अंतर्दृष्टि नहीं है। क्या इसका कारण तुम नहीं हो? तुम दूसरों को दोष देते हो, तुम अपने आप से नफ़रत क्यों नहीं करते हो? तुमने चीज़ों को अस्तव्यस्त कर दिया है और फिर भी तुम ईमानदार नहीं हो और लापरवाह हो; तुम्हें मेरे वचन पर ध्यान देना होगा।
आज्ञाकारी और समर्पित व्यक्तियों को महान आशीष प्राप्त होंगे। कलीसिया में, तुम मेरी गवाही में दृढ़ रहोगे, सत्य पर बने रहोगे—गलत गलत है और सही सही है—और काले और सफ़ेद के बीच भ्रमित नहीं होगे। तुम शैतान के साथ युद्ध पर होगे और तुम्हें उसे पूरी तरह से हराना होगा ताकि वह फिर कभी न खड़ा हो सके। मेरी गवाही की रक्षा के लिए तुम्हें सब कुछ बलिदान करना होगा। यह तुम्हारे कार्यों का लक्ष्य होगा, इसे मत भूलना। लेकिन अभी, तुम में विश्वास की कमी है और चीज़ों में अंतर करने की क्षमता में कमी है और तुम हमेशा मेरे वचनों और मेरे इरादों को समझने में असमर्थ रहते हो। फिर भी, चिंता मत करो; सब कुछ मेरे कदमों के अनुसार आगे बढ़ता है और चिंता केवल परेशानी पैदा करती है। मेरे पास अधिक समय बिताओ और शारीरिक देह के लिए भोजन और कपड़ों पर ध्यान न दो। अक्सर मेरे इरादों की तलाश करो, और मैं स्पष्ट रूप से तुम्हें दिखाऊंगा कि वे क्या हैं। धीरे-धीरे तुम्हें हर चीज़ में मेरा इरादा दिखाई देगा, और इससे मुझे किसी भी बाधा के बिना सभी में प्रवेश करने का मार्ग मिलेगा। यह मेरे दिल को संतुष्ट करेगा और तुम लोग हमेशा के लिए मेरा आशीष प्राप्त करोगे!

6 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 28

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 28

तुम देखोगे कि समय बहुत कम है और पवित्र आत्मा का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जिससे तुम्हेंऐसे महान आशीष प्राप्त होते हैं, ब्रह्मांड के राजा, चमकते सूर्य, राज्य के राजा, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, का स्वागत करने का अवसर तुम्हें मिलता है—यह सब मेरी अनुग्रह और दया है। ऐसा क्या हो सकता है जो तुम्हें मेरे प्यार से दूर कर सके? सावधानी से विचार करो, भागने की कोशिश न करो, हर पल मेरे सामने शांति से प्रतीक्षा करो और हमेशा बाहर घूमा न करो। तुम्हारा दिल मेरे दिल के करीब रहना चाहिए, और चाहे तुम्हें किसी भी चीज़ का सामना करना पड़े कुछ भी अंधाधुंध या मनमाने ढंग से न करो। तुम्हें मेरी इच्छा को देखना चाहिए, जो कुछ भी मैं चाहूं वह करना चाहिए और जो मैं नहीं चाहता हूं उसे त्यागने के लिए दृढ़ रहना चाहिए। तुम्हें अपनी भावनाओं के आधार पर कार्य नहीं करना चाहिए, बल्कि मेरी तरह धार्मिकता का अभ्यास करना चाहिए; भावनात्मक होना स्वीकार्य नहीं है, यहां तक कि अपनी माता और पिता के साथ भी नहीं। जो सत्य के अनुरूप नहीं हैं तुम्हें उन्हें त्यागना होगा और मेरे लिए मुझे प्रेम करने वाले शुद्ध दिल के साथ स्वयं को भेंट करना होगा और समर्पण करना होगा। किसी भी व्यक्ति, पदार्थ या वस्तु के नियंत्रण में नहीं रहना; जब तक यह मेरी इच्छा के अनुरूप हो तब तक मेरे वचनों के अनुसार इसका अभ्यास करना। डरो मत, क्योंकि मेरे हाथ तुम्हें सहारा देंगे, और मैं निश्चित रूप से तुम्हें सभी दुष्टों से बचाऊंगा। अपना जीवन मेरे जीवन पर निर्भरता के साथ व्यतीत करते समय, तुम्हें अपने दिल की रक्षा करनी चाहिए, हमेशा मेरे भीतर रहना चाहिए; यदि तुम मुझे छोड़ोगे तो तुम तुरंत मुरझा जाओगे।

26 फ़र॰ 2019

"बच्चे, घर लौट आओ" क्लिप 1 - युवा गेमिंग व्यसनियों से उनका व्यसन छुड़ाने का एक तरीका है

"बच्चे, घर लौट आओ" क्लिप 1 - युवा गेमिंग व्यसनियों से उनका व्यसन छुड़ाने का एक तरीका है



आधुनिक समाज में ऐसे कई नौजवान हैं जो ऑनलाइन गेमिंग से सम्मोहित हैं और उससे ख़ुद को मुक्त नहीं करा पा रहे हैं। इससे उनकी सेहत और पढ़ाई दोनों पर बहुत गंभीर असर पड़ता है। अपने बच्चो से इंटरनेट छुड़ाने के लिए माता-पिता चाहे कोई भी उपाय क्यों न करें, इसका कोई फायदा नहीं होता है, और बच्चों से उनका गेम खेलने का व्यसन कैसे छुड़ाया जाए यह कई परिवारों के लिए सबसे बड़ा सरदर्द बन गया है। यह मूवी क्लिप, युवा गेमिंग व्यसनियों से उनका व्यसन छुड़ाने का एक तरीका है, में हमारे लिए इस विषय पर रोशनी डाली जाएगी।

20 अग॰ 2018

Best Hindi Christian Movie | "तड़प" | God Reveals the Mystery of Kingdom of Heaven (Hindi Dubbed)

Best Hindi Christian Movie | "तड़प" | God Reveals the Mystery of Kingdom of Heaven (Hindi Dubbed)


दो हज़ार साल पहले, प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों को वचन दिया था: "मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)।

18 अग॰ 2018

"बच्चे, घर लौट आओ!"

 "बच्चे, घर लौट आओ!"

लाइ शिंगुआंग वरिष्ठ हाई स्कूल का छात्र है। बहुत छोटी उम्र में वह एक समझदार और सुशील लड़का था। उसके माता-पिता और शिक्षक उसको बहुत चाहते थे।

14 अग॰ 2018

जो लोग सच्चाई से प्रेम करते हैं, उनके पास अनुसरण करने का एक मार्ग होता है

जो लोग सच्चाई से प्रेम करते हैं, उनके पास अनुसरण करने का एक मार्ग होता है

लोगों की स्थितियाँ सामान्य हैं या नहीं, यह इस पर निर्भर करता है कि वे सच्चाई से प्रेम करते हैं या नहीं
हुत से लोगों ने निम्नलिखित मुद्दे को उठाया है: उपरोक्त सहभागिता को सुनने के बाद, वे पूर्णतया स्पष्ट महसूस करते हैं, अधिक मजबूत हो जाते हैं, और उनमें नकारात्मकता की कोई भावना नहीं होती-लेकिन ऐसे हालात केवल करीब दस दिनों तक ही रहते हैं, जिसके बाद वे सामान्य स्थिति को बनाकर नहीं रख सकते। बसमस्या क्या है? क्या तुम लोगों ने कभी सोचा है कि यह किस कारण से होता है? शुरू के लगभग दस दिन में तुम्हारे हालात इतने अच्छे क्यों होते हैं? कुछ कहते हैं कि यह सत्य पर ध्यान केंद्रित नहीं करने का नतीजा है। लेकिन फिर सहभागिता को सुनने के बाद तुम इस स्तर की सामान्यता तक कैसे पहुँचे होगे? सच्चाई को सुनने के बाद तुम इतने खुश क्यों थे? कुछ लोग कहते हैं कि यह पवित्र आत्मा के काम के कारण है।

12 अग॰ 2018

परमेश्वर की इच्छा को खोजना और यथासंभव सत्य का अभ्यास करना

परमेश्वर की इच्छा को खोजना और यथासंभव सत्य का अभ्यास करना

जैसे ही लोग अपने कर्तव्यों को पूरा करने में उतावले हो जाते हैं, वे नहीं जानते कि कैसे इसका अनुभव किया जाए; जैसे ही वे कामों में व्यस्त हो जाते हैं, उनकी आध्यात्मिक स्थितियाँ आकुल हो जाती हैं; वे एक सामान्य स्थिति को बनाकर नहीं रख पाते। ऐसा कैसे हो सकता है? यदि आप को थोड़ा कार्य करने दिया जाए, आप अपरम्परागत और स्वच्छंद हो जाते हैं, परमेश्वर के निकट होने की जगह उनसे दूर होते जाते हैं। इससे पता चलता है कि लोग नहीं जानते कि अनुभूति कैसे की जाए।

3 अग॰ 2018

God Is My Life and My Hope | Hindi Christian Movie "मौत के मुंह से" | Walk With God

God Is My Life and My Hope | Hindi Christian Movie "मौत के मुंह से" | Walk With God


अठत्तर साल की बूढी लियू झेन, एक आम देहाती गृहिणी है। परमेश्वर में विश्वास करने के बाद से, उसे हर दिन परमेश्वर के वचन पढ़ने, उनकी यशगान स्तुति करने और अक्सर अपने भाई-बहनों के साथ संगति करने में अनिर्वचनीय आनंद की अनुभूति होती … लेकिन हर अच्छी चीज़ अस्थाई होती है।

1 अग॰ 2018

एक उड़ाऊपुत्र की वापसी

एक उड़ाऊपुत्र की वापसी

वांग सिन हार्बिन शहर

1999 में, मैं कलीसिया के कार्य की आवश्यकताओं के कारण एक अग्रणी बन गया। हालांकि शुरुआत में मुझे गहराई से महसूस हुआ कि मैं कार्य के योग्य नहीं था, कुछ समय बाद मेरे अभिमान और आत्म तुष्ट स्वभाव के कारण, मेरी प्रारंभिक सावधानी धीरे-धीरे स्वयं को उत्कर्षित करने और अपने बारे में गवाही देने में बदल गयी। मैं भोजन, कपड़े और मौज-मस्ती में लगा रहता था, और लालची बनकर अपनी हैसियत के मज़े ले रहा था। मैं परमेश्वर के साथ एक समान स्तर पर भी होना चाहता था। अंततः मुझे निकाल दिया और घर भेजा दिया गया। उसके बाद ही मैं जागरूक हुआ और मुझे एहसास हुआ कि "प्रतिष्ठा" ने मुझसे परमेश्वर और सच्चाई दोनों को छुड़वा दिया था; "प्रतिष्ठा" ने मुझसे अपना व्यक्तिगत राज्य स्थापित करवा दिया था; "प्रतिष्ठा" ने मुझे एक ईसा विरोधी में बदल दिया था; "प्रतिष्ठा" ने मुझे मृत्यु के मार्ग की ओर भेज दिया था। तब मुझे पता चला कि मैं सही मार्ग से बहुत दूर भटक गया था और बहुत गहरा गिर चुका था।

31 जुल॰ 2018

ओहदा खोने के बाद ...

ओहदा खोने के बाद ...

हुईमीन जियाओजूओ शहर, हेनान प्रदेश

हर बार जब मैं किसी को बदले जाने और इस कारण उनके दुखी, कमजोर या रुष्ट होने और उनके अनुसरण न करने की घटना को देखती थी या इस बारे मेँ सुनती थी तो ऐसे लोगों के प्रति मेरे मन मेँ निरादर का भाव आ जाता था। मैं सोचती थी कि यह सब इससे अधिक कुछ नहीं है कि कलीसिया के अंतर्गत अलग-अलग लोगों के अलग-अलग कार्य कलाप हैं, यहाँ उच्च और निम्न मेँ कोई भेद नहीं है और हम सब परमेश्वर की संतति हैं तथा ऐसा कुछ भी नहीं है जिसको हम तुच्छ समझें। अत: मैं सोचती थी कि चाहें हम नए विश्वासियों की देख-रेख कर रहे हैं या किसी जनपद का नेतृत्व हमारे हाथ मेँ है; मैने कभी भी नहीं सोचा था कि मेरा पूरा ध्यान ओहदे पर ही केंर्दित था, क्या मै इस तरह की सोच वाली व्यक्ति थी। मैं असंख्य वर्षों तक यह मानने के लिए सहमत नहीं होती कि अपनी बदली होने पर मैं ऐसा कोई शर्मनाक व्यवहार करूंगी...।

30 जुल॰ 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "तुझे अपने भविष्य मिशन से कैसे निपटना चाहिए"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "तुझे अपने भविष्य मिशन से कैसे निपटना चाहिए"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "क्या तूने कभी सोचा है कि परमेश्वर का हृदय कितना व्याकुल और चिंतित है? जिसे उसने अपने हाथों से रचा उस निर्दोष मानव जाति को ऐसी पीड़ा में दुख उठाते हुए देखकर वह कैसे सह सकता है? वैसे भी मानव जाति तो वह दुर्भाग्यशाली है जिस पर विष प्रयोग किया गया है।

27 जुल॰ 2018

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV

परमेश्वर की पवित्रता (I)

आज हमारे पास परमेश्वर के अधिकार की अतिरिक्त संगति है, और हम फिलहाल अभी परमेश्वर की धार्मिकता के बारे में बात नहीं करेंगे। आज हम बिल्कुल ही एक नए विषय के बारे में बात करेंगे—परमेश्वर की पवित्रता। परमेश्वर की पवित्रता परमेश्वर के अद्वितीय सार का एक और पहलू है, अतः यहाँ इस विषय पर संगति करने की अत्यधिक आवश्यकता है। परमेश्वर के सार का यह पहलू जिस पर मैं संगति करूंगा, साथ ही वे दो पहलू जिन पर हम ने परमेश्वर के धर्मी स्वभाव एवं परमेश्वर के अधिकार से पहले संगति की थी—क्या वे सब अद्वितीय हैं? (हाँ।) परमेश्वर की पवित्रता भी अद्वितीय है, अतः इस अद्वितीयता का आधार, एवं इस अद्वितीयता का मूल आज की हमारी बातचीत का मुख्य विषय होगा। समझ गए? मेरे पीछे पीछे दोहराओ: परमेश्वर का अद्वितीय सार—परमेश्वर की पवित्रता।

26 जुल॰ 2018

An Amazing Christian Testimony | Hindi Gospel Movie "विपरीत परिस्थितियों में मधुरता" (Hindi Dubbed)

An Amazing Christian Testimony | Hindi Gospel Movie "विपरीत परिस्थितियों में मधुरता" (Hindi Dubbed)



हैन लू चीन की मुख्य भूमि में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कलीसिया की एक नेता है। उन्होंने एक दशक से परमेश्वर में विश्वास किया है और उन्होंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य का अनुभव किया है। वह कुछ सत्यों को समझती हैं और जानती हैं कि मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, के अंत के दिनों के कार्य के माध्यम से ही, मनुष्य पाप से छुटकारा पाने और एक सार्थक जीवन जीने में सफल होगा।

25 जुल॰ 2018

"परमेश्वर में आस्था" (5) - क्या प्रभु में विश्‍वास का सच प्रभु के लिए परिश्रम पूर्वक कार्य करना है?

"परमेश्वर में आस्था" (5) - क्या प्रभु में विश्‍वास का सच प्रभु के लिए परिश्रम पूर्वक कार्य करना है?


अधिकांश विश्वासियों का मानना है कि यदि हम प्रभु का नाम लेते हैं, प्रार्थना करते है, बाइबल पढ़ते हैं और बैठकों में जाते हैं, और यदि हम वस्तुओं का त्याग करते हैं, प्रभु के लिए खर्च और कष्ट उठाकर कार्य करते हैं, तो यह प्रभु में सच्चा विश्वास है, और जब प्रभु लौटेंगे तब हम स्वर्ग के राज्य में आरोहित किए जाने में सक्षम होंगे।

20 जुल॰ 2018

Hindi Christian Song | Learn How to Pray to God | "सच्ची प्रार्थना"

Hindi Christian Song | Learn How to Pray to God | "सच्ची प्रार्थना"


सच्ची दुआ अपने दिल की बातों को परमेश्वर के सामने कहना है, यह परमेश्वर की मर्ज़ी और उसके वचन पर आधारित है। सच्ची दुआ परमेश्वर को अपने करीब महसूस करना है, जैसे वो ख़ुद तेरे सामने हो। सच्ची प्रार्थना का मतलब तुझे परमेश्वर से बहुत कुछ कहना है, तेरा दिल सूरज के समान उज्ज्वल है, तू परमेश्वर की सुंदरता से प्रेरित होता है, जो सुनते हैं वो संतुष्ट होते हैं। सच्ची प्रार्थना शांति और आनंद दोनों लाएगी, इससे परमेश्वर से प्रेम करने की सामर्थ बढ़ती है, परमेश्वर से प्रेम करने की कीमत महसूस होती है; और यह सब सिद्ध करेगा कि तुम्हारी प्रार्थना सच्ची है।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 109

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन- अध्याय 109 मैं हर दिन कथनों को कह रहा हूँ, हर दिन बोल रहा हूँ, और हर दिन अपने महान संकेतों और चमत्कारों क...