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6 जुल॰ 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 86

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 86

लोग कहते हैं कि मैं एक दयालु परमेश्वर हूँ और वे कहते हैं कि मैंने जिसे भी बनाया है, उसके लिए मैं नियमानुसार उद्धार दूँगा—ये सभी बातें मानव जाति की अवधारणाओं के आधार पर कही जाती हैं। एक दयालु परमेश्वर के रूप में मेरा ज़िक्र मेरे पहले पुत्रों की ओर निर्देशित है, और मेरा उद्धार ले आना मेरे पुत्रों और मेरे प्रजा-जनों की ओर निर्देशित होता है। क्योंकि मैं एक बुद्धिमान परमेश्वर हूँ, यह बात मेरे मन में स्पष्ट है कि मैं किनसे प्यार करता हूँ और किनसे नफ़रत करता हूँ। जिन लोगों से मैं प्यार करता हूँ, उन्हें मैं हमेशा अंत तक प्यार करता हूँ और यह प्यार कभी नहीं बदलेगा। जिन लोगों से मैं नफ़रत करता हूँ, उनके लिए मेरा दिल थोड़ा भी नहीं पसीजता है, चाहे वे कितने भी अच्छे हों।

21 जून 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 82

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 82

मेरे वचन को सुनते ही सब लोग डर जाते हैं। सभी भय से भर जाते हैं। तुम किस बात से भयभीत हो? मैं तुम सब को मारने वाला नहीं हूँ! ऐसा इसलिए है क्योंकि तुम लोग दोषी महसूस करते हो और पकड़े जाने से डरते हो। मेरी पीठ के पीछे तुम जो करते हो वह इतना छिछोरा और बेकार होता है। इससे मुझे तुमसे इतनी नफ़रत हो गई है कि मैं उग्रता से सोचता हूँ कि काश कि मैंने उन लोगों को, जिन्हें मैंने पूर्वनिर्धारित और चयनित नहीं किया था, टुकड़े टुकड़े हो जाने के लिए अथाह गड्ढे में फेंक दिया होता।

11 जून 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 72

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 72

जैसे ही तुम्‍हें किसी कमी या दुर्बलता का पता चले, उसे दूर करने के लिए तुम्‍हें मुझ पर भरोसा रखना चाहिए। विलम्‍ब न करो; अन्‍यथा पवित्र आत्‍मा का कार्य तुमसे बहुत दूर होगा, और तुम बहुत पीछे रह जाओगे। जो कार्य मैंने तुम्‍हें सौंपा है, वह, तुम्‍हारे, मेरे समीप आने, प्रार्थना करने और मेरी उपस्थिति में सहभागिता करने पर ही पूरा हो सकता है। यदि नहीं, तो कोई परिणाम प्राप्‍त न होंगे, और सब कुछ व्‍यर्थ होगा। मेरा आज का कार्य वैसा नहीं है जैसा वह पूर्व में था। उन लोगों में, जिन्‍हें में प्रेम करता हूँ, जीवन का परिमाण पहले जैसा नहीं है। वे मेरे वचन स्‍पष्‍ट रूप में समझते हैं, और उनके प्रति उनमें कुशाग्र प्रवीणता होती है। यह सर्वाधिक स्‍पष्‍ट पहलू है, यह मेरे कार्य की अद्भुतता को परावर्तित करने मे सबसे अधिक सक्षम है। मेरे कार्य की गति तीव्र हो गई है, और मेरा कार्य निश्चित रूप से अतीत से भिन्‍न है। लोगों के लिए इसकी कल्‍पना करना कठिन है, और उससे भी अधिक, लोगों के लिए इसकी थाह पाना असंभव है। तुम लोगों के लिए अब कुछ भी रहस्‍य नहीं है; बल्कि सभी कुछ ज्ञात और प्रत्‍यक्ष करा दिया गया है। यह पारदर्शी है, मुक्‍त किया हुआ है, और, इसके अतिरिक्‍त, यह पूर्णत: स्‍वतंत्र है। जिन्‍हें मैं प्रेम करता हूँ वे निश्चित रूप से किसी भी व्‍यक्ति, घटना, वस्‍तु या किसी स्‍थान अथवा भूभाग से सीमित न होंगे; वे सभी प्रकार के परिवेशों के नियंत्रण के परे चले जाएंगे तथा देह से उभर जाएंगे। यह मेरे महान कार्य का समापन है। कुछ भी शेष न रहेगा; उसका पूरी तरह अंत हो जाएगा।

1 जून 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 61

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 61

जब तुम्हें अपनी स्थिति का ज्ञान होता है, तो तुम्हें मेरी इच्छा प्राप्त होती है। वास्तव में, मेरी इच्छा को समझना मुश्किल नहीं है, बात केवल इतनी है कि अतीत में तुमने कभी भी मेरे इरादे के अनुसार प्रयास नहीं किया है। मुझे मानवीय अवधारणाएं या मानवीय विचार नहीं चाहिए, मुझे तुम्हारे पैसे या तुम्हारी संपत्ति भी नहीं चाहिए। मुझे बस तुम्हारा दिल चाहिए, समझे? यह मेरी इच्छा है, और इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि मैं यही प्राप्त करना चाहता हूं। लोग हमेशा मुझे समझने के लिए अपने मस्तिष्क की अवधारणाओं का उपयोग करते हैं, और अपने माप का उपयोग करके मेरी हैसियत का मोल करते हैं। मनुष्य के साथ, इस चीज़ से निपटना सबसे कठिन बात है, और यही है वह जिससे मैं सबसे अधिक घृणा और नफ़रत करता हूं, क्या तुम समझ रहे हो? क्योंकि यह शैतान का सबसे अधिक दिखने वाला स्वभाव है। और तुम लोगों की हैसियत कम है, इसलिए तुम लोग अक्सर शैतान की चालाक योजनाओं में फंस जाते हो। तुम उन्हें पहचान ही नहीं पाते हो! मैंने तुम लोगों से कई बार कहा है कि हर समय और हर मामले में सतर्क रहो, ताकि तुम शैतान की चालाकी से धोखा न खा जाओ। लेकिन तुम लोग सुनते नहीं हो और मैं जो कहता हूं उसे सहर्ष अनदेखा करते हो, इसलिए तुम अपने जीवन में हानि का सामना करते हो और अफ़सोस करने में बहुत देर कर देते हो। वैसे भी, क्या यह बेहतर नहीं होगा कि तुम इसे भविष्य के लिए सबक के रूप में लो? मैं तुमसे कहता हूं, आसानी से नकारात्मक बनने से तुम्हारे जीवन में नुकसान आएगा और यह अत्यंत गंभीर होगा। यह जानकर, तुम्हें जागना चाहिए, है न?

28 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 57

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 57

क्या तुमने अपनी प्रत्येक सोच, विचार और कार्य की जांच की है? क्या तुम स्पष्ट हो कि इनमें से कौन-से मेरी इच्छा के अनुसार हैं और कौन नहीं हैं? तुम्हारे पास अंतर समझने की कोई क्षमता नहीं है! तुम मेरे पास क्यों नहीं आए हो? क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं तुम्हें नहीं बताऊंगा, या यह किसी अन्य कारण से है? तुम्हें यह पता होना चाहिए! जानो कि जो लापरवाह हैं वे मेरी इच्छा को बिल्कुल भी समझ नहीं सकते हैं या महान रोशनी और प्रबुद्धता को प्राप्त नहीं कर सकते हैं।
क्या तुमने उन कारणों की खोज की है जिनकी वजह से कलीसिया फल-फूल नहीं पाया है और जिनकी वजह से वास्तविक साहचर्य की कमी है? क्या तुम जानते हो कि कितने कारक तुम्हारी वजह से हैं? मैंने तुम्हें जीवन प्रदान करने और मेरी बात को फैलाने के निर्देश दिए थे। क्या तुमने ऐसा किया है? क्या अपने भाइयों और बहनों की जीवन में प्रगति की देरी की तुम ज़िम्मेदारी ले सकते हो? जब समस्याएं आती हैं, तो शांत और स्थिर होने के बजाय तुम परेशान हो जाते हो। तुम सही में अज्ञानी हो! मेरी आवाज़ को संतों के बीचे फैलाया जाना चाहिए। पवित्र आत्मा के काम को दबाओ मत और मेरे लिए समय में देरी न करो; इससे किसी को लाभ नहीं मिलेगा। मैं चाहता हूं कि शरीर और मस्तिष्क, पूरी तरह से, तुम मेरी ओर समर्पित रहो, ताकि तुम्हारी हर सोच और विचार मेरे लिए हो, तुम वही चाहो जो मैं चाहता हूं, वही सोचो जो मैं सोचता हूं, और जो भी तुम करो वह आज के राज्य और मेरे प्रबंधन के लिए हो, तुम्हारे अपने लिए नहीं। केवल यही मेरे दिल को संतुष्ट करेगा।

21 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 48

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 48

मैं चिंतित हूँ, लेकिन तुम में से कितने लोग मेरे साथ एक मन और एक सोच के होने में सक्षम हैं? तुम मेरे वचनों पर कोई ध्यान ही नहीं देते हो, पूरी तरह से उनकी अवहेलना करते हो और उन पर ध्यान केंद्रित करने में विफल रहते हो, बल्कि केवल अपनी सतही चीज़ों पर ही तुम लोग ध्यान केंद्रित करते हो। तुम मेरे द्वारा की गई कष्टप्रद देखभाल और मेरे प्रयास को व्यर्थ मानते हो; क्या तुम्हारा विवेक निकम्मा नहीं है? तुम अज्ञानी और विवेकहीन हो; तुम मूर्ख हो, और मुझे बिल्कुल ही संतुष्ट नहीं कर सकते। मैं पूरी तरह से तुम सब के लिए हूँ—तुम सब किस हद तक मेरे हो सकते हो? तुमने मेरे इरादे को गलत समझा है, और यह वास्तव में तुम्हारा अंधापन और चीज़ों को देखने में तुम्हारी असमर्थता है, जिससे मुझे हमेशा तुम लोगों के बारे में चिंता करनी पड़ती है और तुम सब पर समय बिताना पड़ता है। अब, तुम लोग अपने समय में से कितना मेरे लिए खर्च कर सकते हो और मुझे समर्पित कर सकते हो? तुम्हें खुद से और अधिक पूछना चाहिए।

18 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-अध्याय 45

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-अध्याय 45

तुम सार्वजनिक रूप से अपने भाइयों और बहनों की आलोचना करते हो मानो कि यह कोई बात ही न हो। तुम वास्तव में भले-बुरे का भेद नहीं जानते; तुम शर्मिंदगी नहीं जानते! क्या यह बहुत ही धृष्ट, लापरवाह व्यवहार नहीं है? तुम लोगों में से प्रत्येक उलझन में है और एक भारी दिल लिए हुए है; तुम अपने दिलोदिमाग में बहुत सामान ढोते हो और अब मेरे लिए तुम्हारे पास कोई जगह नहीं बची है। अंधे लोगों! तुम कितने क्रूर हो—यह कब खत्म होगा?
मैं बार-बार तुम सभी से अपने दिल से बात करता हूँ और मेरे पास जो भी है, मैं वह सब तुम लोगों को दे देता हूँ लेकिन तुम सब इतने कंजूस हो और तुम लोगों में ज़रा सी मानवता भी नहीं है; यह वास्तव में समझ से परे है। तुम अपनी अवधारणाओं से क्यों चिपके रहते हो? तुम मुझे अपने अंदर कुछ जगह क्यों नहीं दे सकते? कैसे मैं संभवतः तुम लोगों को कोई भी नुकसान पहुँचा सकता हूँ? तुम्हें इस तरह से व्यवहार करते रहना नहीं चाहिए—मेरा दिन वास्तव में अब दूर नहीं है। लापरवाही से बात मत करो, अंधाधुंध व्यवहार न करो, या लड़ाई कर परेशानी का कारण न बनो; यह तुम सब के जीवन में क्या भला कर सकता है? मैं तुम सभी को सचमुच बता रहा हूँ, जब मेरा दिन आयेगा, तो चाहे एक भी व्यक्ति न बचाया जाए, फिर भी मैं अपनी योजना के अनुसार ही मामलों को संभालूँगा। तुम्हें पता होना चाहिए कि मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूँ! कोई भी वस्तु, कोई भी व्यक्ति या कोई भी घटना मेरे क़दमों को आगे बढ़ने से रोकने की हिम्मत नहीं करती है। तुम सब को यह नहीं सोचना चाहिए कि मेरे पास तुम लोगों के बिना अपनी इच्छा पूरी करने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं तुम्हें बता सकता हूँ कि यदि तुम अपने जीवन को इस नकारात्मक तरीके से जीते हो, तो तुम केवल अपने ही जीवन को बर्बाद कर डालोगे और यह मेरी चिंता नहीं होगी।

15 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 42

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 42

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कर्म कितने महान हैं! कितने आश्चर्यजनक! कितने अद्भुद! सात तुरहियाँ बजती हैं, सात गर्जनें भेजी जाती हैं, सात कटोरे उंडेले जाते हैं—यह तुरंत खुले तौर पर प्रकट होगा और इसमें कोई भी संदेह नहीं हो सकता है। परमेश्वर का प्यार हर दिन हम पर आता है और केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही हमें बचा सकता है; हम दुर्भाग्य का सामना करें या आशीर्वाद प्राप्त करें, यह पूरी तरह से उस पर निर्भर है, और हम मनुष्यों के पास यह निर्णय लेने का कोई तरीका नहीं है। जो लोग पूरी तरह से स्वयं को परमेश्वर को समर्पित करते हैं, उन्हें निश्चित रूप से महान आशीर्वाद प्रदान किया जाएगा, जबकि जो लोग अपने जीवन को संरक्षित रखना चाहते हैं, वे अपने जीवन को खो देंगे; सभी चीज़ें और सभी बातें सर्वशक्तिमान परमेश्वर के हाथों में हैं। अब और अपने कदमों को मत रोको। स्वर्ग और पृथ्वी में एक बृहद परिवर्तन आता है; मनुष्य के पास छिपने का कोई रास्ता नहीं है और केवल कटु क्रंदन है, और कोई विकल्प नहीं है। पवित्र आत्मा के वर्तमान कार्य का अनुसरण करो, उसके काम की प्रगति के किस चरण तक हो गयी है इसके बारे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने आप में स्पष्ट होना चाहिए, दूसरों के द्वारा याद दिलाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। अब अक्सर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के सामने आओ, और उसी से सब कुछ माँगो। वह तुम्हें निश्चित रूप से भीतर से प्रबुद्ध करेगा और संकट के समय पर वह तुम्हारी रक्षा करेगा। कोई भय न रखो! पहले से ही तुम्हारा सम्पूर्ण अस्तित्व उसके हाथों में है और उसकी सुरक्षा और उसकी देखभाल के होते हुए, तुम्हें किसका डर है? आज परमेश्वर की इच्छा की परिपूर्ति निकट है, जो भी डरता है वह पराजय का सामना करेगा। मैं तुम्हें व्यर्थ की बात नहीं बता रहा हूँ। अपनी आध्यात्मिक आँखें खोलो, और स्वर्ग एक पल में बदल जाएगा। डरने की क्या बात है? परमेश्वर के हाथ की एक छोटी सी हरकत से, स्वर्ग और पृथ्वी तुरंत नष्ट हो जाते हैं। मनुष्य के चिंता करने से क्या होगा? क्या सब कुछ परमेश्वर के हाथों में नहीं है? अगर वह कहता है कि स्वर्ग और पृथ्वी को बदलना है, तो वे बदल जाएँगे। अगर वह कहता है कि हमें परिपूर्ण किया जाना है, तो हम परिपूर्ण किये जाएँगे। मनुष्य को चिंतित होने की कोई ज़रूरत नहीं है, उसे शांति से आगे बढ़ना चाहिए। बहरहाल, उसे बहुत ध्यान देना चाहिए और बहुत सावधान रहना चाहिए। स्वर्ग एक पल में बदल सकता है! मनुष्य की नग्न आँखें चाहे पूरी ही खुल जाएँ, फिर भी वे कुछ भी देखने में अशक्त हो सकती हैं। तुरंत सावधान हो जाओ, परमेश्वर की इच्छा पूर्ण हो गयी है, उसकी परियोजना पूरी हो चुकी है, उसकी योजना सफल हो गई है, उसके सभी पुत्र उसके सिंहासन पर पहुंच गये हैं, और वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के साथ सभी राष्ट्रों और सभी लोगों का न्याय करते हैं। जो लोग कलीसिया को सताते रहे हैं, और क्रूरता से परमेश्वर के पुत्रों को घायल करते रहे हैं, उन्हें गंभीर रूप से दंडित किया जाएगा, यह निश्चित है! जो लोग स्वयं को परमेश्वर के प्रति सचमुच अर्पित कर देते हैं, और सब कुछ कायम रखते हैं, परमेश्वर निश्चित रूप से उन्हें अनंत काल तक, कभी भी बदले बिना, प्यार करेगा!

9 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 33

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 33

मेरे राज्य को उन लोगों की ज़रुरत है जो ईमानदार हैं, पाखंडी और धोखेबाज़ नहीं हैं। क्या सच्चे और ईमानदार लोग दुनिया में अलोकप्रिय नहीं हैं? मैं ठीक विपरीत हूँ। ईमानदार लोगों का मेरे पास आना स्वीकार्य है; इस तरह के व्यक्ति से मुझे प्रसन्नता होती है, मुझे इस तरह के व्यक्ति की ज़रुरत भी है। ठीक यही तो मेरी धार्मिकता है। कुछ लोग अज्ञानी होते हैं; वे पवित्र आत्मा के कार्य को महसूस नहीं कर सकते हैं और वे मेरी इच्छा को नहीं समझ सकते हैं। वे अपने परिवार और आस-पास के परिवेश को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाते हैं, वे आँख बंद करके चीज़ों को करते हैं और अनुग्रह के कई अवसरों को गँवा देते हैं। बार-बार वे अपने कृत्यों के लिए अफ़सोस करते हैं और जब वे किसी मामले का सामना करते हैं, तो वे फिर से इसे स्पष्ट नहीं देख पाते हैं। कभी-कभी जीत हासिल करने के लिए वे परमेश्वर पर भरोसा कर पाते हैं, लेकिन बाद में जब वे उसी तरह के मामले का सामना करते हैं, तो पुरानी बीमारी लौट आती है, और वे मेरी इच्छा को समझ नहीं सकते हैं। लेकिन मैं इन चीजों को नहीं देखता हूँ, और मैं तुम लोगों के अपराधों को याद नहीं रखता हूँ। इसके बजाय, मैं तुम लोगों को इस असंयमित भूमि से बचाना चाहता हूँ और तुम लोगों को अपने जीवन को नवीकृत करने देता हूँ। मैंने तुम लोगों को बार-बार माफ़ किया है। हालाँकि, अब अत्यधिक महत्वपूर्ण कदम लेना है। तुम लोग अब और भ्रमित नहीं रह सकते हो और उस—चलने और रूक जाने—वाले तरीके से अब और आगे आगे नहीं बढ़ सकते हो। तुम लोग गंतव्य पर कब पहुँच सकोगे? तुम लोगों को बिना रुके समापन रेखा की ओर दौड़ने का अपना भरसक प्रयास करना है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण समय में ढीले मत बनो, साहसपूर्वक आगे बढ़ो, और एक भरपूर दावत तुम लोगों के सामने है। अपनी शादी के लिबास और धार्मिक वस्त्रों में जल्दी से तैयार हो जाओ और मसीह के विवाह के रात्रिभोज में भाग लो; अनंतकाल के लिए पारिवारिक आनंद का भोग लो! तू पहले की तरह अब और कभी उदास, दुःखी नहीं होगा और आहें नहीं भरेगा। उस समय सब कुछ धुएँ की तरह गायब हो चुका होगा और तुझमें केवल पुनर्जीवित मसीह के जीवन की सामर्थ्य होगी। यह अंदर से एक परिष्कृत और शुद्ध किया गया मंदिर होगा और तेरे द्वारा प्राप्त किया गया पुनरुत्थान का जीवन सदा सर्वदा के लिए तुझमें बसा रहेगा!

6 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 28

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 28

तुम देखोगे कि समय बहुत कम है और पवित्र आत्मा का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जिससे तुम्हेंऐसे महान आशीष प्राप्त होते हैं, ब्रह्मांड के राजा, चमकते सूर्य, राज्य के राजा, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, का स्वागत करने का अवसर तुम्हें मिलता है—यह सब मेरी अनुग्रह और दया है। ऐसा क्या हो सकता है जो तुम्हें मेरे प्यार से दूर कर सके? सावधानी से विचार करो, भागने की कोशिश न करो, हर पल मेरे सामने शांति से प्रतीक्षा करो और हमेशा बाहर घूमा न करो। तुम्हारा दिल मेरे दिल के करीब रहना चाहिए, और चाहे तुम्हें किसी भी चीज़ का सामना करना पड़े कुछ भी अंधाधुंध या मनमाने ढंग से न करो। तुम्हें मेरी इच्छा को देखना चाहिए, जो कुछ भी मैं चाहूं वह करना चाहिए और जो मैं नहीं चाहता हूं उसे त्यागने के लिए दृढ़ रहना चाहिए। तुम्हें अपनी भावनाओं के आधार पर कार्य नहीं करना चाहिए, बल्कि मेरी तरह धार्मिकता का अभ्यास करना चाहिए; भावनात्मक होना स्वीकार्य नहीं है, यहां तक कि अपनी माता और पिता के साथ भी नहीं। जो सत्य के अनुरूप नहीं हैं तुम्हें उन्हें त्यागना होगा और मेरे लिए मुझे प्रेम करने वाले शुद्ध दिल के साथ स्वयं को भेंट करना होगा और समर्पण करना होगा। किसी भी व्यक्ति, पदार्थ या वस्तु के नियंत्रण में नहीं रहना; जब तक यह मेरी इच्छा के अनुरूप हो तब तक मेरे वचनों के अनुसार इसका अभ्यास करना। डरो मत, क्योंकि मेरे हाथ तुम्हें सहारा देंगे, और मैं निश्चित रूप से तुम्हें सभी दुष्टों से बचाऊंगा। अपना जीवन मेरे जीवन पर निर्भरता के साथ व्यतीत करते समय, तुम्हें अपने दिल की रक्षा करनी चाहिए, हमेशा मेरे भीतर रहना चाहिए; यदि तुम मुझे छोड़ोगे तो तुम तुरंत मुरझा जाओगे।

1 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 22

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 22

परमेश्वर में विश्वास करना कोई आसान काम नहीं है। तुम गड़बड़ाते हो, हर चीज़ को खाते हो और सोचते हो कि यह कितना दिलचस्प और स्वादिष्ट है! कुछ लोग हैं जो अब भी इसे सराहते हैं—उनकी आत्माओं में कोई विवेक नहीं है। इस अनुभव को सारांशित करने में समय लगाना उचित है। अंत के दिनों में, सभी तरह की आत्माएँ अपनी भूमिकाएँ निभाने के लिए प्रकट होती हैं, वे खुल कर परमेश्वर के बच्चों के आगे बढ़ते क़दमों की अवहेलना करती हैं और कलीसिया के निर्माण कार्य को नष्ट करने में साथ देती हैं। यदि तुम इस बात को हल्के से लेते हो, और शैतान को अपना काम करने का मौका देते हो, तो कलीसिया अस्त-व्यस्त हो जाएगी, लोग घबरा जाएँगे और निराश हो जाएँगे, और गंभीर मामलों में लोग अपनी दूरदृष्टि खो देंगे। इस तरह कई वर्षों में मेरे द्वारा चुकाया गया कष्टप्रद मूल्य व्यर्थ हो जाएगा

27 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन-अध्याय 19

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन-अध्याय 19

ज्यों-ज्यों पवित्र आत्मा का कार्य आगे बढ़ रहा है, परमेश्वर ने एक बार फिर हमें पवित्र आत्मा के कार्य की एक नई पद्धति में प्रवेश कराया है। परिणामस्वरूप, यह अपरिहार्य है कि कुछ लोगों ने मुझे गलत समझा और मुझसे शिकायतें की है। कुछ लोगों ने मेरा प्रतिरोध और मेरा सामना किया है, और मेरी जाँच-पड़ताल की है। हालांकि, मैं अभी भी अनुग्रहपूर्वक तुम लोगों के पश्चाताप करने और सुधरने की प्रतीक्षा कर रहा हूँ। पवित्र आत्मा के कार्य की पद्धति में परिवर्तन का होना परमेश्वर का खुले तौर पर प्रकट होना है।

26 अप्रैल 2019

अध्याय 18

अध्याय 18

कलीसिया का निर्माण करना एक आसान काम नहीं है! मैं इसे बनाने में अपना पूरा दिल लगाता हूँ, और शैतान इसे तोड़ गिराने के लिए हर कोशिश करेगा। यदि तुम निर्मित होना चाहते हो, तो तुम्हारे पास अंतर्दृष्टि का होना आवश्यक होगा; तुम्हें मेरे अनुसार जीवन जीना होगा, मसीह का गवाह बनना होगा, मसीह को ऊंचाई पर रखना होगा और मेरे प्रति निष्ठावान रहना होगा। तुम्हें बहाने नहीं बनाने चाहिए, बल्कि इसकी जगह निःशर्त पालन करना चाहिए; तुम्हें सभी परीक्षणों को सहना होगा, और जो कुछ मुझ से आता है उसे स्वीकार करना होगा। पवित्र आत्मा तुम्हारा नेतृत्व करने में जो कुछ भी करे, तुम्हें उसका अनुपालन करना होगा, तुम्हारे पास तीव्र उत्साह और चीज़ों को परखने की क्षमता अवश्य होनी चाहिए। तुम्हें लोगों को समझना होगा और दूसरों का अंधाधुंध अनुसरण करने से बचना होगा, अपनी आध्यात्मिक आँखों को उज्ज्वल रखना होगा और चीजों की गहन जानकारी रखनी होगी। जिन लोगों के मन मुझसे समस्वर हैं, उन्हें मेरे लिए गवाह बनना होगा और शैतान के खिलाफ़ निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी। निर्मित होना और युद्ध करना, तुम्हें ये दोनों ही करने होंगे। मैं तुम सभी के बीच हूँ, मैं तुम सभी का समर्थन करता हूँ और मैं तुम सभी का आश्रय हूँ।

25 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन-अध्याय 17

अध्याय 17

कलीसिया का निर्माण किया जा रहा है और शैतान इसे ध्वस्त करने की पूरी कोशिश कर रहा है। यह मेरे निर्माण को किसी भी तरह से नष्ट करना चाहता है, इसलिए कलीसिया को तुरंत शुद्ध किया जाना चाहिए। कोई तलछट या कोई बुराई नहीं बचनी चाहिए; इसे शुद्ध किया जाना चाहिए ताकि यह निष्कलंक हो जाए और उतनी ही शुद्ध हो सके जितनी कि यह पहले थी। तुम लोगों को जागते रहना चाहिए और हर पल प्रतीक्षा करनी चाहिए, और तुम्हें मेरे सामने अधिक आना चाहिए। तुम लोगों को शैतान की विभिन्न साजिशों और चालाक योजनाओं को पहचानना चाहिए, आत्मा को जानना चाहिए, लोगों को जानना चाहिए और सभी प्रकार के लोगों, मामलों और चीजों को समझने में सक्षम होना चाहिए; तुम लोगों को मेरे वचनों को और अधिक खाना और पीना चाहिए, और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि तुम लोगों को उन्हें अपने आप खाने और पीने में सक्षम होना चाहिए। पूरी सच्चाई से अपने आप को समर्थ बनाओ, मेरे सामने आओ, ताकि मैं तुम लोगों की आध्यात्मिक आँखें खोल सकूँ और तुम्हें आत्मा के भीतर निहित सभी रहस्यों को देखने का मौका दे सकूँ। जब कलीसिया अपने निर्माण के चरण में आती है, तो शैतान के खिलाफ़[क] संतों की लड़ाई शुरू होती है। शैतान के विभिन्न वीभत्स लक्षण तुम सभी के सामने रखे जाते हैं; क्या तुम रुकते और पीछे हट जाते हो, या तुम मुझ पर भरोसा रखकर खड़े हो जाते हो और आगे बढ़ते हो? शैतान के भ्रष्ट और घिनौने लक्षणों को पूरी तरह से उजागर कर दो, कोई भावुकता न रखो और कोई दया मत दिखाओ! मौत तक शैतान से लड़ते रहो! मैं तुम्हारे पीछे हूँ और तुममें एक मर्द बच्चे की भावना होनी चाहिए! शैतान अपनी मौत की पीड़ा में अंतिम प्रहार कर रहा है लेकिन यह फिर भी मेरे न्याय से बच निकलने में असमर्थ ही रहेगा। शैतान मेरे पैरों तले है और यह तुम लोगों के पैरों के नीचे भी कुचला हुआ है—यह सच है!

23 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 14

अध्याय 14

अब समय सही में महत्वपूर्ण है। पवित्र आत्मा हमें परमेश्वर के वचनों में ले जाने के लिए कई अलग-अलग तरीकों का उपयोग करता है। तुम्हें सभी सत्यों से लैस होना चाहिए, पवित्र होना चाहिए, मेरे साथ एक सच्ची निकटता और सहयोग रखना चाहिए; तुम्हारे पास चुनने के लिए कोई और विकल्प नहीं है। पवित्र आत्मा का कार्य भावना के बिना है और तुम किस प्रकार के व्यक्ति हो वह इसकी परवाह नहीं करता है। जब तक तुम खोज और अनुसरण करने के लिए तैयार हो—बहाने नहीं बनाते हो, अपने फ़ायदे और नुकसान पर बहस नही करते हो, बल्कि धार्मिकता के लिए भूख और प्यास के साथ खोज करते हो, तो मैं तुम्हें प्रबुद्ध करूंगा। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि तुम कितने मूर्ख और अज्ञानी हो, मुझे ऐसी चीज़ें नहीं दिखाई देती हैं। मैं यह देखता हूं कि सकारात्मक पहलू पर तुम कितनी मेहनत करते हो। यदि तुम फिर भी स्वयं की अवधारणा को ज़ोर-से पकड़कर रखते हो, अपनी छोटी-सी दुनिया में गोल-गोल घूमते हो, तो मुझे लगता है कि तुम ख़तरे में हो। उत्साह क्या है? त्याग दिए जाने का क्या मतलब है? आज तुम्हें परमेश्वर के सामने कैसे जीना चाहिए? तुम्हें मेरे साथ सक्रियता से सहयोग कैसे करना चाहिए? अपनी अवधारणाओं से छुटकारा पाओ, स्वयं का अवलोकन करो, अपना मुखौटे हटाओ, अपने सच्चे रंगों को स्पष्टता से देखो, अपने आप से घृणा करो, एक ऐसा दिल रखो जो धार्मिकता की खोज भूख और प्यास के साथ करता हो, मानो कि तुम वास्तव में कुछ भी नहीं हो, स्वंय को छोड़ने के लिए तैयार रहो, चीज़ों को करने के अपने सभी तरीकों को रोकने में सक्षम बनो, मेरे सामने अपने आप को शांत करो, अधिक प्रार्थनाएं करो, ईमानदारी से मुझ पर निर्भर रहो, मेरी ओर देखो, और मेरे करीब आने और मेरे साथ साहचर्य करना बंद न करो—यह मुख्य बात है। लोग अक्सर अपने में मग्न हो जाते हैं और परमेश्वर के सामने नहीं रहते हैं।

22 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-तेरहवां कथन

अध्याय 13

अपनी वर्तमान स्थिति में, तुम लोग स्वयं की धारणाओं का अत्यधिक पालन करते हो, और तुम्हारा धार्मिक व्यवधान काफ़ी गंभीर है। तुम आत्मा में कार्य करने में असमर्थ हो, तुम पवित्र आत्मा के काम को समझ नहीं सकते हो, और तुम नए प्रकाश को अस्वीकार करते हो। तुम दिन का सूरज नहीं देखते हो क्योंकि तुम अंधे हो। तुम लोगों को नहीं समझ पाते हो, तुम अपने माता-पिता को छोड़ नहीं पाते हो, तुम में आध्यात्मिक समझ की कमी है, तुम पवित्र आत्मा के काम को नहीं जानते, और तुम्हें बिल्कुल नहीं पता कि मेरे वचनों को कैसे खाना और पीना चाहिए। यह एक समस्या है कि तुम्हें नहीं पता कैसे स्वयं खाना और पीना चाहिए। पवित्र आत्मा का कार्य दिन-प्रतिदिन एक चौंकाने वाली गति से आगे बढ़ रहा है। हर दिन नई रोशनी होती है, और हर दिन नई और ताज़ा चीज़ें होती हैं, लेकिन तुम समझ नहीं पाते हो। इसके बजाए, तुम शोध करना पसंद करते हो, और तुम सावधानीपूर्वक विचार किए बिना अपनी निजी प्राथमिकताओं की आंखों से चीज़ों को देखते हो और सुनते समय अपनी धुन में रहते हो। तुम आत्मा में लगन से प्रार्थना नहीं करते हो, मेरी ओर नहीं देखते हो और मेरे वचनों पर अधिक विचार नहीं करते हो। इस कारण, तुम्हारे पास केवल अक्षर, नियम और सिद्धांत हैं। तुम्हें पता होना चाहिए कि मेरे वचनों को कैसे खाना और पीना चाहिए और मेरे वचनों के साथ अक्सर मेरे सामने आना चाहिए।

21 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-एक योग्य चरवाहे को किन साजो-सामान से युक्त होना चाहिए

एक योग्य चरवाहे को किन साजो-सामान से युक्त होना चाहिए

जब पवित्र आत्मा लोगों पर काम करता है तो वे लोग जिन परिस्थितियों में होंगे, उनकी तुम्हें समझ होनी चाहिए। विशेष कर, जो लोग ईश्वर की सेवा करने के लिए समन्वय करते हैं, उन्हें उन विभिन्न परिस्थितियों की और भी बेहतर समझ होनी चाहिए जो पवित्र आत्मा के लोगों पर कार्य करने से पैदा होती हैं। यदि तुम अनेक अनुभवों और प्रवेश करने के कई तरीकों के बारे में केवल बात करते हो, तो यह दिखाता है कि तुम्हारा अनुभव बेहद एक तरफा है। यथार्थ में कई स्थितियों को समझे बिना, तुम अपने स्वभाव में परिवर्तन ला पाने में असमर्थ हो। यदि तुम कई स्थितियों को समझ गए हो, तो तुम पवित्र आत्मा के काम की विभिन्न अभिव्यक्तियों को समझ पाओगे, और स्पष्ट रूप से आर-पार देख सकोगे और बुरी आत्माओं के बहुत से कामों को समझ पाओगे। तुम्हें लोगों के कई विचारों को बेनकाब कर सीधे मुद्दे के केंद्रबिंदु पर आना चाहिए; तुम्हें लोगों के अभ्यास में आने वाले भटकाव या परमेश्वर पर विश्वास करने में होने वाली समस्याओं पर भी ध्यान ले जाना चाहिए ताकि वे उन्हें पहचान सकें। कम से कम, तुम्हें उन्हें नकारात्मक या निष्क्रिय महसूस नहीं कराना चाहिए। हालांकि, तुम्हें उन कई कठिनाइयों को समझना चाहिए जो कि लोगों के लिए निष्पक्ष रूप से मौजूद हैं, तुम्हें विवेकहीन नहीं होना चाहिए या "भैंस के आगे बीन बजाने" की कोशिश नहीं करनी चाहिए; यह मूर्खतापूर्ण व्यवहार है। लोगों की कई कठिनाइयों को हल करने के लिए, तुम्हें पवित्र आत्मा के काम की गतिशीलता को समझना चाहिए, तुम्हें समझना चाहिए कि पवित्र आत्मा विभिन्न लोगों पर कैसे काम करता है, तुम्हें लोगों की कठिनाइयों और उनकी कमियों को समझना चाहिए और समस्या के महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करते हुए, किसी भटकाव या त्रुटियों के बिना, समस्या के स्रोत पर पहुंचना चाहिए। केवल इस तरह का व्यक्ति परमेश्वर की सेवा करने के लिए समन्वय करने योग्य है।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 109

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन- अध्याय 109 मैं हर दिन कथनों को कह रहा हूँ, हर दिन बोल रहा हूँ, और हर दिन अपने महान संकेतों और चमत्कारों क...