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21 अग॰ 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "व्यवस्था के युग में कार्य"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "व्यवस्था के युग में कार्य"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "व्यवस्था के युग के दौरान, यहोवा ने मूसा के लिए अनेक आज्ञाएँ निर्धारित की कि वह उन्हें उन इस्राएलियों के लिए आगे बढ़ा दे जिन्होंने मिस्र से बाहर उसका अनुसरण किया था।……

27 जुल॰ 2018

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV

परमेश्वर की पवित्रता (I)

आज हमारे पास परमेश्वर के अधिकार की अतिरिक्त संगति है, और हम फिलहाल अभी परमेश्वर की धार्मिकता के बारे में बात नहीं करेंगे। आज हम बिल्कुल ही एक नए विषय के बारे में बात करेंगे—परमेश्वर की पवित्रता। परमेश्वर की पवित्रता परमेश्वर के अद्वितीय सार का एक और पहलू है, अतः यहाँ इस विषय पर संगति करने की अत्यधिक आवश्यकता है। परमेश्वर के सार का यह पहलू जिस पर मैं संगति करूंगा, साथ ही वे दो पहलू जिन पर हम ने परमेश्वर के धर्मी स्वभाव एवं परमेश्वर के अधिकार से पहले संगति की थी—क्या वे सब अद्वितीय हैं? (हाँ।) परमेश्वर की पवित्रता भी अद्वितीय है, अतः इस अद्वितीयता का आधार, एवं इस अद्वितीयता का मूल आज की हमारी बातचीत का मुख्य विषय होगा। समझ गए? मेरे पीछे पीछे दोहराओ: परमेश्वर का अद्वितीय सार—परमेश्वर की पवित्रता।

26 जुल॰ 2018

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I

  • परमेश्वर का अधिकार (I)

  • मेरी पिछली अनेक सभाएँ परमेश्वर के कार्य, परमेश्वर के स्वभाव, और स्वयं परमेश्वर के विषय में थीं। इन सभाओं को सुनने के बाद, क्या तुम लोगों को एहसास होता है कि तुम सबने परमेश्वर के स्वभाव की समझ और ज्ञान को प्राप्त किया है? कितनी बड़ी समझ और ज्ञान को प्राप्त किया है? क्या तुम लोग उसे एक संख्या दे सकते हो? क्या इन सभाओं ने तुम सभी को परमेश्वर की और गहरी समझ दी है? क्या ऐसा कहा जा सकता है कि यह समझ परमेश्वर का सच्चा ज्ञान है? क्या ऐसा कहा जा सकता है कि परमेश्वर का यह ज्ञान और समझ परमेश्वर के सम्पूर्ण सार-तत्व, और जो उसके पास है और जो वह है उसका ज्ञान है? नहीं, बिलकुल नहीं! यह इसलिए है क्योंकि ये सभाएँ केवल परमेश्वर के स्वभाव और स्वरूप के एक भाग की समझ प्रदान करती हैं - न कि इसके सब कुछ की, या उसकी सम्पूर्णता की।

20 जुल॰ 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "पद नामों एवं पहचान के सम्बन्ध में" (भाग एक)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "पद नामों एवं पहचान के सम्बन्ध में" (भाग एक)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "यीशु ने परमेश्वर के आत्मा का प्रतिनिधित्व किया था, और वह परमेश्वर का आत्मा था जो सीधे तौर पर कार्य कर रहा था। उसने नये युग का कार्य किया था, ऐसा कार्य जिसे पहले कभी किसी ने नहीं किया था। उसने एक नया मार्ग खोला था, उसने यहोवा का प्रतिनिधित्व किया था, और उसने स्वयं परमेश्वर का प्रतिनिधित्व किया था।

7 जुल॰ 2018

Warnings of the Last Days From God | "देहधारियों में से कोई भी कोप के दिन से नहीं बच सकता है"(Hindi)

Warnings of the Last Days From God | "देहधारियों में से कोई भी कोप के दिन से नहीं बच सकता है"(Hindi)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "मैं तुम लोगों को सत्य कहता हूँ: मेरी सहनशीलता तुम लोगों की बुरी करतूतों के लिए तैयार थी, और उस दिन पर तुम लोगों की ताड़ना के लिए विद्यमान है। एक बार जब मैं अपनी सहनशीलता के अंत में पहुँच गया तो क्या तुम लोग वह नहीं होंगे जो कुपित न्याय को भुगतोगे।

14 जून 2018

Hindi Documentary Trailer "वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" | व्यवस्था जारी करना

Hindi Documentary Trailer "वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" | व्यवस्था जारी करना


यहोवा परमेश्वर ने इस्राएलियों को जो आदेश और व्यवस्थाएँ जारी की थीं, उनका न केवल मानव व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा था, बल्कि उन्होंने मानव समाजों में नैतिक सभ्यता और लोकतांत्रिक संस्थानों की स्थापना और गठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ईसाई संगीतमय वृत्तचित्र—वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है—शीघ्र ही ऐतिहासिक सत्य प्रस्तुत करेगा!

1 दिस॰ 2017

एक वास्तविक मनुष्य होने का क्या अर्थ है

मनुष्य का प्रबंधन करना मेरा कार्य है, और मेरे द्वारा उसे जीत लिया जाना और भी अधिक कुछ चीज़ है जो तब नियत की गई थी जब मैंने संसार की रचना की थी। हो सकता है कि लोग नहीं जानते हों कि अंत के दिनों में मैं उन्हें पूरी तरह से जीत लूँगा और हो सकता है कि वे इस बारे में भी अनजान हों कि मानवजाति में से विद्रोही लोगों को जीत लेना ही शैतान को मेरे द्वारा हराने का प्रमाण है। परन्तु जब मेरा शत्रु मेरे साथ संघर्ष में शामिल हुआ, तो मैंने उसे पहले से ही बता दिया था कि मैं उन सभी को जिन्हें शैतान ने बंदी बना लिया था और अपनी संतान बना लिया था और उसके घर की निगरानी करने वाले उसके वफादार सेवकों को जीतने वाला बनूँगा।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 109

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन- अध्याय 109 मैं हर दिन कथनों को कह रहा हूँ, हर दिन बोल रहा हूँ, और हर दिन अपने महान संकेतों और चमत्कारों क...