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15 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 42

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 42

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कर्म कितने महान हैं! कितने आश्चर्यजनक! कितने अद्भुद! सात तुरहियाँ बजती हैं, सात गर्जनें भेजी जाती हैं, सात कटोरे उंडेले जाते हैं—यह तुरंत खुले तौर पर प्रकट होगा और इसमें कोई भी संदेह नहीं हो सकता है। परमेश्वर का प्यार हर दिन हम पर आता है और केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही हमें बचा सकता है; हम दुर्भाग्य का सामना करें या आशीर्वाद प्राप्त करें, यह पूरी तरह से उस पर निर्भर है, और हम मनुष्यों के पास यह निर्णय लेने का कोई तरीका नहीं है। जो लोग पूरी तरह से स्वयं को परमेश्वर को समर्पित करते हैं, उन्हें निश्चित रूप से महान आशीर्वाद प्रदान किया जाएगा, जबकि जो लोग अपने जीवन को संरक्षित रखना चाहते हैं, वे अपने जीवन को खो देंगे; सभी चीज़ें और सभी बातें सर्वशक्तिमान परमेश्वर के हाथों में हैं। अब और अपने कदमों को मत रोको। स्वर्ग और पृथ्वी में एक बृहद परिवर्तन आता है; मनुष्य के पास छिपने का कोई रास्ता नहीं है और केवल कटु क्रंदन है, और कोई विकल्प नहीं है। पवित्र आत्मा के वर्तमान कार्य का अनुसरण करो, उसके काम की प्रगति के किस चरण तक हो गयी है इसके बारे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने आप में स्पष्ट होना चाहिए, दूसरों के द्वारा याद दिलाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। अब अक्सर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के सामने आओ, और उसी से सब कुछ माँगो। वह तुम्हें निश्चित रूप से भीतर से प्रबुद्ध करेगा और संकट के समय पर वह तुम्हारी रक्षा करेगा। कोई भय न रखो! पहले से ही तुम्हारा सम्पूर्ण अस्तित्व उसके हाथों में है और उसकी सुरक्षा और उसकी देखभाल के होते हुए, तुम्हें किसका डर है? आज परमेश्वर की इच्छा की परिपूर्ति निकट है, जो भी डरता है वह पराजय का सामना करेगा। मैं तुम्हें व्यर्थ की बात नहीं बता रहा हूँ। अपनी आध्यात्मिक आँखें खोलो, और स्वर्ग एक पल में बदल जाएगा। डरने की क्या बात है? परमेश्वर के हाथ की एक छोटी सी हरकत से, स्वर्ग और पृथ्वी तुरंत नष्ट हो जाते हैं। मनुष्य के चिंता करने से क्या होगा? क्या सब कुछ परमेश्वर के हाथों में नहीं है? अगर वह कहता है कि स्वर्ग और पृथ्वी को बदलना है, तो वे बदल जाएँगे। अगर वह कहता है कि हमें परिपूर्ण किया जाना है, तो हम परिपूर्ण किये जाएँगे। मनुष्य को चिंतित होने की कोई ज़रूरत नहीं है, उसे शांति से आगे बढ़ना चाहिए। बहरहाल, उसे बहुत ध्यान देना चाहिए और बहुत सावधान रहना चाहिए। स्वर्ग एक पल में बदल सकता है! मनुष्य की नग्न आँखें चाहे पूरी ही खुल जाएँ, फिर भी वे कुछ भी देखने में अशक्त हो सकती हैं। तुरंत सावधान हो जाओ, परमेश्वर की इच्छा पूर्ण हो गयी है, उसकी परियोजना पूरी हो चुकी है, उसकी योजना सफल हो गई है, उसके सभी पुत्र उसके सिंहासन पर पहुंच गये हैं, और वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के साथ सभी राष्ट्रों और सभी लोगों का न्याय करते हैं। जो लोग कलीसिया को सताते रहे हैं, और क्रूरता से परमेश्वर के पुत्रों को घायल करते रहे हैं, उन्हें गंभीर रूप से दंडित किया जाएगा, यह निश्चित है! जो लोग स्वयं को परमेश्वर के प्रति सचमुच अर्पित कर देते हैं, और सब कुछ कायम रखते हैं, परमेश्वर निश्चित रूप से उन्हें अनंत काल तक, कभी भी बदले बिना, प्यार करेगा!

19 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-क्या आप जाग उठे हैं?

क्या आप जाग उठे हैं?

जब आप सामान्य मनुष्यत्व से बाहर निकलकर जीवन व्यतीत करना प्राप्त कर लेते हैं, और पूर्ण कर दिए गए हैं, तो हालांकि आप भविष्यवाणी करने, या कोई रहस्य बताने में असमर्थ होंगे, आप एक मनुष्य के स्वरूप को प्रगट करेंगे और जीवन व्यतीत करेंगे। परमेश्वर ने मनुष्य की रचना की, जिसके बाद मनुष्य शैतान द्वारा भ्रष्ट किया गया, और इस भ्रष्टाचार ने मनुष्यों को "मृत देह" बना दिया और परिणामस्वरूप आपके बदलने के बाद, आप इन मृत देहों से भिन्न हो जाएंगे। वह परमेश्वर के वचन हैं जो लोगों की आत्मा को जीवन देते हैं और उन्हें नया जन्म देते हैं, और जब लोगों की आत्माएं नया जन्म लेंगी तो वे जाग उठेंगे। "मृतक" का उल्लेख यहां शव की ओर इशारा करता है जिसमें आत्मा नहीं होती है, तथा उन लोगों की ओर जिनकी आत्मा मर चुकी है। जब लोगों की आत्मा को जीवन दिया जाता है तो वे जीवित हो जाते हैं। जिन संतों की बात पहले की गई थी, ये वे लोग हैं जो जीवित हो चुके हैं, जो शैतान के अधिकार में तो थे परंतु उन्होंने शैतान को हराया है। चीन के चुने हुए लोगों ने बड़े लाल अजगर के क्रूर तथा अमानवीय अत्याचार व धोखेबाजी को सहन किया है, जिन्होंने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ कर रख दिया और उनमें जीने का थोड़ा भी साहस ना छोड़ा। अतः आत्मा की जागरूकता का आरंभ उनके सार-तत्व से होना चाहिए: थोड़ा-थोड़ा करके उनके सार-तत्व में उनकी आत्मा को जगाना होगा। जब एक दिन वे जाग जाएंगे तब रूकावट ना होगी और फिर सबकुछ सहजता से आगे बढ़ेगा। इस समय यह पहुँच से बाहर है। अधिकतर लोगों के जीवन में मृत्यु का वातावरण समाविष्ट होता है, वे मृत्यु के प्रभामंडल में डूबे रहते हैं, और उनमें बहुत-सी कमियां होती हैं। कुछ लोगों के शब्दों में मृत्यु की झलक होती है, उनके कार्यों में मृत्यु की झलक होती है, और उनके पूरे रहन-सहन में मृत्यु की झलक होती है। जीवन में लगभग सब कुछ—मृत्यु है। अगर आज, लोग सार्वजनिक रूप से परमेश्वर की गवाही दें, तो यह कार्य असफल हो जाएगा, क्योंकि उनका अभी भी पूर्णतः जागना शेष है, और आप लोगों के मध्य बहुत से मृतक हैं। आज कुछ लोग पूछते हैं कि परमेश्वर कुछ चिह्न और चमत्कार क्यों नहीं दिखाता है ताकि वह अन्यजाति राष्ट्रों में अपना कार्य शीघ्र ही फैला सके। मृतक परमेश्वर की गवाही नहीं दे सकता; केवल जीवित दे सकते हैं, परंतु अधिकांश लोग आज मृत हैं, उनमें से बहुत से मृत्यु के पिंजरे में रहते हैं, वे शैतान के प्रभाव में रहते हैं, और विजय पाने में असमर्थ हैं—और फिर वे कैसे परमेश्वर के लिए गवाही दे सकते हैं? वे कैसे सुसमाचार के कार्य को फैला सकते हैं?

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 109

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन- अध्याय 109 मैं हर दिन कथनों को कह रहा हूँ, हर दिन बोल रहा हूँ, और हर दिन अपने महान संकेतों और चमत्कारों क...