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2 जून 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 62

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 62

मेरी इच्छा को समझना केवल इसलिए आवश्यक नहीं कि तुम मुझे जान सको, बल्कि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि तुम मेरे इरादे के अनुसार कार्य कर सको। लोग मेरे दिल को नहीं समझते हैं। जब मैं कहता हूं कि यह पूर्व है, तो उनके लिए विवेचन करना आवश्यक है, और वे सोचते हैं, "क्या यह वास्तव में पूर्व है? शायद नहीं। मैं इतनी आसानी से विश्वास नहीं कर सकता हूं। मुझे स्वयं देखना होगा।" तुम लोगों से निपटना बहुत मुश्किल है, और तुम नहीं जानते कि असली आज्ञाकारिता क्या है। जब तुम्हें मेरा इरादा पता होता है, तो इसे बिना संकोच पूरा करो—इसके बारे में सोचने की कोई आवश्यकता नहीं है! मैं जो भी कहता हूं, तुम हमेशा उस पर थोड़ा-सा संदेह करते हो और उसे बेतुके ढंग से समझते हो, तो फिर कैसे तुम्हारे पास सच्ची अंतर्दृष्टि हो सकती है? तुम कभी भी मेरे वचनों में प्रवेश करने की कोशिश नहीं करते हो। जैसा कि मैंने पहले कहा है, मुझे बस कुछ चुनिंदा लोगों की चाह है, न कि बहुत से लोगों की। जो लोग मेरे वचनों में प्रवेश करने को महत्व नहीं देते हैं वे मसीह के अच्छे सैनिक होने के लायक नहीं हैं, बल्कि वे शैतान के चेले की तरह काम करते हैं और मेरे काम में बाधा डालते हैं। इसे एक मामूली बात न समझो। जो भी मेरे काम में बाधा पहुंचाता है, वह मेरे प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन करता है, और मैं निश्चित रूप से उन्हें गंभीरता से अनुशासित करूंगा। कहने का अर्थ है कि, अब से, यदि तुम कुछ समय के लिए मुझसे दूर हो जाते हो, तो मेरा न्याय तुम पर पड़ेगा। यदि तुम मेरे वचनों पर विश्वास नहीं करते हो तो स्वयं आज़माकर देख लो, देख लो कि मुखाकृति के प्रकाश में जीकर तुम्हारी स्थिति कैसी है, और मुझे छोड़ने पर तुम्हारी स्थिति कैसी होगी।

25 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 53

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 53

मैं शुरुआत हूं, और मैं अंत हूं। मैं ही पुनर्जीवित और पूर्ण सच्चा परमेश्वर हूं। मैं तुम लोगों के सामने अपने वचन बोलता हूं, और जो मैं कहता हूं तुम लोगों को उस पर दृढ़ता से विश्वास करना चाहिए। आकाश और धरती समाप्त हो सकते हैं, लेकिन जो भी मैं कहता हूं उसका एक अक्षर या एक रेखा भी कभी समाप्त नहीं होगी। यह याद रखना! यह याद रखना! एक बार जब मैं बोल देता हूं, तो एक वचन भी कभी वापस नहीं लिया जाएगा और प्रत्येक वचन पूरा होगा। अब समय आ गया है और तुम लोगों को शीघ्र वास्तविकता में प्रवेश करना होगा। समय ज़्यादा नहीं है। मैं अपने बेटों को महिमामय राज्य में ले जाऊंगा और जिसके लिए तुम लोगों नें प्रयास किया है और प्रतीक्षा की है, वह सच हो जाएगा। मेरे बेटों! जल्दी उठो और मेरे पीछे आओ! अब तुम लोगों के लिए सोचने का समय नहीं रहा। जो समय निकल चुका है वह कभी वापस नहीं आएगा, अंधेरे के बाद प्रकाश होता है, और हर्ष तुम्हारी आंखों के सामने है। क्या तुम लोग समझ रहे हो? अपनी आँखें खोलो! जल्दी देखो! अब तुम्हें बेकार की बकवास में शामिल होने की या ऐसी किसी भी बात को बोलने की अनुमति नहीं है जो कलीसिया के निर्माण के लिए लाभदायक न हो, महत्वपूर्ण यह है कि भाइयों और बहनों को तुम्हारे व्यावहारिक अनुभव प्रदान किए जाएं या यह बताया जाए कि कैसे परमेश्वर के सामने तुम प्रबुद्ध हुए हो और स्वयं को जान पाए हो; जो भी यह प्रदान कर पाएगा उसकी एक हैसियत होगी! अब कुछ लोग डरते नहीं हैं, और मैं जितना भी बोलूं या मैं जितना भी चिंता करूं, तुम अभी भी डरते नहीं हो; तुम्हारा पुराना अस्तित्व स्वयं को छूने की अनुमति नहीं देता है, इसलिए तुम इस तरह से आगे बढ़ सकते हो! देखो कौन है जो बर्बाद होगा। तुम हमेशा दुनिया को अपनी मुट्ठी में करने के बारे में सोचते हो, धन की लालसा करते हो, अपने बेटों और बेटियों के लिए तड़पते रहते हो, अपने पति के लिए लालसा करती रहती हो। ख़ैर, तुम अपनी लालसा जारी रख सकते हो! ऐसा नहीं है कि मेरे वचनों ने तुम लोगों को संबोधित नहीं किया है, और तुम जैसे चाहो वैसे आगे बढ़ते रहो! निकट भविष्य में तुम सब कुछ समझ पाओगे, लेकिन बहुत देर हो चुकी होगी और केवल न्याय तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहा होगा।

9 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 33

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 33

मेरे राज्य को उन लोगों की ज़रुरत है जो ईमानदार हैं, पाखंडी और धोखेबाज़ नहीं हैं। क्या सच्चे और ईमानदार लोग दुनिया में अलोकप्रिय नहीं हैं? मैं ठीक विपरीत हूँ। ईमानदार लोगों का मेरे पास आना स्वीकार्य है; इस तरह के व्यक्ति से मुझे प्रसन्नता होती है, मुझे इस तरह के व्यक्ति की ज़रुरत भी है। ठीक यही तो मेरी धार्मिकता है। कुछ लोग अज्ञानी होते हैं; वे पवित्र आत्मा के कार्य को महसूस नहीं कर सकते हैं और वे मेरी इच्छा को नहीं समझ सकते हैं। वे अपने परिवार और आस-पास के परिवेश को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाते हैं, वे आँख बंद करके चीज़ों को करते हैं और अनुग्रह के कई अवसरों को गँवा देते हैं। बार-बार वे अपने कृत्यों के लिए अफ़सोस करते हैं और जब वे किसी मामले का सामना करते हैं, तो वे फिर से इसे स्पष्ट नहीं देख पाते हैं। कभी-कभी जीत हासिल करने के लिए वे परमेश्वर पर भरोसा कर पाते हैं, लेकिन बाद में जब वे उसी तरह के मामले का सामना करते हैं, तो पुरानी बीमारी लौट आती है, और वे मेरी इच्छा को समझ नहीं सकते हैं। लेकिन मैं इन चीजों को नहीं देखता हूँ, और मैं तुम लोगों के अपराधों को याद नहीं रखता हूँ। इसके बजाय, मैं तुम लोगों को इस असंयमित भूमि से बचाना चाहता हूँ और तुम लोगों को अपने जीवन को नवीकृत करने देता हूँ। मैंने तुम लोगों को बार-बार माफ़ किया है। हालाँकि, अब अत्यधिक महत्वपूर्ण कदम लेना है। तुम लोग अब और भ्रमित नहीं रह सकते हो और उस—चलने और रूक जाने—वाले तरीके से अब और आगे आगे नहीं बढ़ सकते हो। तुम लोग गंतव्य पर कब पहुँच सकोगे? तुम लोगों को बिना रुके समापन रेखा की ओर दौड़ने का अपना भरसक प्रयास करना है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण समय में ढीले मत बनो, साहसपूर्वक आगे बढ़ो, और एक भरपूर दावत तुम लोगों के सामने है। अपनी शादी के लिबास और धार्मिक वस्त्रों में जल्दी से तैयार हो जाओ और मसीह के विवाह के रात्रिभोज में भाग लो; अनंतकाल के लिए पारिवारिक आनंद का भोग लो! तू पहले की तरह अब और कभी उदास, दुःखी नहीं होगा और आहें नहीं भरेगा। उस समय सब कुछ धुएँ की तरह गायब हो चुका होगा और तुझमें केवल पुनर्जीवित मसीह के जीवन की सामर्थ्य होगी। यह अंदर से एक परिष्कृत और शुद्ध किया गया मंदिर होगा और तेरे द्वारा प्राप्त किया गया पुनरुत्थान का जीवन सदा सर्वदा के लिए तुझमें बसा रहेगा!

30 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 21

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 21

पवित्र आत्मा का कार्य अब तुम लोगों को एक नए स्वर्ग और नई पृथ्वी में ले आया है। सब कुछ नया किया जा रहा है, सब कुछ मेरे हाथों में है, सब कुछ नए रूप में शुरू हो रहा है! अपनी अवधारणाओं के साथ, लोग इसे समझ पाने में असमर्थ हैं, और उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा है, लेकिन कार्य मैं कर रहा हूं, और इसमें मेरा ज्ञान निहित है। इसलिए तुम लोग अपनी सभी अवधारणाओं और विचारों को अलग रख सकते हो। बिना गलतफ़हमियों के अपने आप को परमेश्वर के वचन खाने और पीने में तुम स्वयं को समर्पित कर सकते हो। इस तरह से काम करके मैं एक पवित्र उत्तरदायित्व उठा रहा हूँ। वास्तव में, लोगों को एक विशेष तरीके का होने की आवश्यकता नहीं है। बल्कि, यह परमेश्वर है जो चमत्कारी चीज़ें कर रहा है, अपनी सर्वशक्ति प्रकट कर रहा है। लोग तब तक डींगें नहीं हांक सकते जब तक वे परमेश्वर के बारे में न हों।अन्यथा वे नुकसान का सामना करेंगे। परमेश्वर दरिद्रों को धूल से उठाता है, और विनम्र को ऊंचा करता है। मैं अपने ज्ञान के सभी रूपों का उपयोग विश्वव्यापी कलीसिया को नियंत्रित करने के लिए, सभी राष्ट्रों और सभी लोगों को नियंत्रित करने के लिए करूंगा, ताकि वे सभी मेरे भीतर हों, और ताकि कलीसिया में उपस्थित तुम सब मेरे सामने स्वयं को अर्पित करो। जो लोग पहले आज्ञा नहीं मानते थे, उन्हें अब मेरे सामने आज्ञाकारी होना होगा, एक दूसरे के लिए समर्पित होना होगा, एक दूसरे के साथ धैर्य रखना होगा, एक दूसरे से परस्पर संबंध रखने होंगे, और एक-दूसरे से प्यार करना होगा, सभी को अपनी कमियों की पूर्ति करने के लिए दूसरों की शक्तियों का उपयोग करना होगा, समन्वय में सेवा करनी होगी। इस तरह कलीसिया का निर्माण होगा, और शैतान को शोषण करने का कोई अवसर नहीं मिलेगा। केवल तब मेरी प्रबंधन योजना विफल नहीं होगी। यहां, तुम लोगों को मैं एक और अनुस्मारक देता हूं। अपने आप में गलतफ़हमियां उत्पन्न न होने देना क्योंकि इस व्यक्ति ने इस तरीके से व्यवहार किया, या इस तरह से कार्य किया, यह तुम्हारी आत्मा के पतन का कारण होगा। जैसा कि मैं देखता हूं, यह उचित नहीं है, और यह एक बेकार बात है। क्या जिस पर तुम विश्वास करते हो, वह परमेश्वर नहीं है? यह कोई व्यक्ति नहीं है। कार्य समान नहीं हैं। एक शरीर है। प्रत्येक अपना कर्तव्य करता है, प्रत्येक अपनी जगह पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है—प्रत्येक चिंगारी के लिए प्रकाश की एक चमक है—और जीवन में परिपक्वता की तलाश करता है। इस प्रकार मैं संतुष्ट रहूंगा।

19 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-क्या आप जाग उठे हैं?

क्या आप जाग उठे हैं?

जब आप सामान्य मनुष्यत्व से बाहर निकलकर जीवन व्यतीत करना प्राप्त कर लेते हैं, और पूर्ण कर दिए गए हैं, तो हालांकि आप भविष्यवाणी करने, या कोई रहस्य बताने में असमर्थ होंगे, आप एक मनुष्य के स्वरूप को प्रगट करेंगे और जीवन व्यतीत करेंगे। परमेश्वर ने मनुष्य की रचना की, जिसके बाद मनुष्य शैतान द्वारा भ्रष्ट किया गया, और इस भ्रष्टाचार ने मनुष्यों को "मृत देह" बना दिया और परिणामस्वरूप आपके बदलने के बाद, आप इन मृत देहों से भिन्न हो जाएंगे। वह परमेश्वर के वचन हैं जो लोगों की आत्मा को जीवन देते हैं और उन्हें नया जन्म देते हैं, और जब लोगों की आत्माएं नया जन्म लेंगी तो वे जाग उठेंगे। "मृतक" का उल्लेख यहां शव की ओर इशारा करता है जिसमें आत्मा नहीं होती है, तथा उन लोगों की ओर जिनकी आत्मा मर चुकी है। जब लोगों की आत्मा को जीवन दिया जाता है तो वे जीवित हो जाते हैं। जिन संतों की बात पहले की गई थी, ये वे लोग हैं जो जीवित हो चुके हैं, जो शैतान के अधिकार में तो थे परंतु उन्होंने शैतान को हराया है। चीन के चुने हुए लोगों ने बड़े लाल अजगर के क्रूर तथा अमानवीय अत्याचार व धोखेबाजी को सहन किया है, जिन्होंने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ कर रख दिया और उनमें जीने का थोड़ा भी साहस ना छोड़ा। अतः आत्मा की जागरूकता का आरंभ उनके सार-तत्व से होना चाहिए: थोड़ा-थोड़ा करके उनके सार-तत्व में उनकी आत्मा को जगाना होगा। जब एक दिन वे जाग जाएंगे तब रूकावट ना होगी और फिर सबकुछ सहजता से आगे बढ़ेगा। इस समय यह पहुँच से बाहर है। अधिकतर लोगों के जीवन में मृत्यु का वातावरण समाविष्ट होता है, वे मृत्यु के प्रभामंडल में डूबे रहते हैं, और उनमें बहुत-सी कमियां होती हैं। कुछ लोगों के शब्दों में मृत्यु की झलक होती है, उनके कार्यों में मृत्यु की झलक होती है, और उनके पूरे रहन-सहन में मृत्यु की झलक होती है। जीवन में लगभग सब कुछ—मृत्यु है। अगर आज, लोग सार्वजनिक रूप से परमेश्वर की गवाही दें, तो यह कार्य असफल हो जाएगा, क्योंकि उनका अभी भी पूर्णतः जागना शेष है, और आप लोगों के मध्य बहुत से मृतक हैं। आज कुछ लोग पूछते हैं कि परमेश्वर कुछ चिह्न और चमत्कार क्यों नहीं दिखाता है ताकि वह अन्यजाति राष्ट्रों में अपना कार्य शीघ्र ही फैला सके। मृतक परमेश्वर की गवाही नहीं दे सकता; केवल जीवित दे सकते हैं, परंतु अधिकांश लोग आज मृत हैं, उनमें से बहुत से मृत्यु के पिंजरे में रहते हैं, वे शैतान के प्रभाव में रहते हैं, और विजय पाने में असमर्थ हैं—और फिर वे कैसे परमेश्वर के लिए गवाही दे सकते हैं? वे कैसे सुसमाचार के कार्य को फैला सकते हैं?

18 अप्रैल 2019

दूसरा कथन


अध्याय 2

फ़िलाडेल्फ़िया के कलीसिया ने अपना आकार ले लिया है, और यह पूरी तरह से परमेश्वर के अनुग्रह और दया के कारण है। परमेश्वर के लिए संत अपना प्रेम लेकर आए और कभी भी अपने आध्यात्मिक मार्ग से डगमगाए नहीं। वे इस विश्वास पर दृढ़ हैं कि एकमात्र सच्चे परमेश्वर ने देहधारण किया है, कि वह ब्रह्मांड का मुखिया है जो सभी चीज़ों को नियंत्रित करता है—इसकी पुष्टि पवित्र आत्मा द्वारा की जा चुकी है और इसके लिए लोहे जैसे मज़बूत सबूत हैं! यह कभी नहीं बदल सकता!

27 मार्च 2019

Hindi Christian Video "धन्‍य हैं वे, जो मन के दीन हैं" क्लिप 4 - अंत के दिनों में न्याय का कार्य परमेश्वर द्वारा वचन का उपयोग


Hindi Christian Video "धन्‍य हैं वे, जो मन के दीन हैं" क्लिप 4 - अंत के दिनों में न्याय का कार्य परमेश्वर द्वारा वचन का उपयोग

व्यवस्था के युग और अनुग्रह के युग में, परमेश्वर ने कुछ ऐसे वचन बोले थे जो कठोर थे और जिन्होंने लोगों को धिक्‍कारा। इन वचनों और अंत के दिनों में न्‍याय का अपना कार्य करते समय परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए न्याय के वचनों के बीच क्या अंतर है? न्याय वास्तव में क्या है? अंत के दिनों में परमेश्वर का न्याय किस प्रकार मनुष्‍य का न्‍याय और उसकी शुद्धि करता है?

7 मार्च 2019

Hindi Gospel Video "परमेश्‍वर का नाम बदल गया है?!" क्लिप 1 - क्या बाइबल के वचनों के अलावा परमेश्वर के और भी कोई वचन हैं?

Hindi Gospel Video "परमेश्‍वर का नाम बदल गया है?!" क्लिप 1 - क्या बाइबल के वचनों के अलावा परमेश्वर के और भी कोई वचन हैं?

बाइबल कहता है, "जो सिंहासन पर बैठा था, मैंने उसके दाहिने हाथ में एक पुस्तक देखी जो भीतर और बाहर लिखी हुई थी, और वह सात मुहर लगाकर बन्द की गई थी" (प्रकाशितवाक्य 5:1)। "जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है। जो जय पाए, उस को मैं गुप्‍त मन्ना में से दूँगा" (प्रकाशितवाक्य 2:17)। बाइबल के अनुसार, जब अंत के दिनों में प्रभु वापस आयेंगे, तो वे पुस्तक खोलेंगे, सातों मुहरों को तोड़ेंगे और मनुष्य को छुपा हुआ मन्ना देंगे। लेकिन धार्मिक वर्गों के ज़्यादातर पादरी और एल्डर्स मानते हैं कि परमेश्वर के सभी वचन बाइबल में दर्ज हैं और बाइबल के वचनों के अलावा परमेश्वर के दूसरे कोई वचन नहीं हैं। क्या ऐसी सोच सत्‍य के अनुरूप है? क्या बाइबल के वचनों के अलावा वाकई परमेश्वर के दूसरे कोई वचन नहीं हैं? यह लघु वीडियो आपके लिए इन सवालों के जवाब ढूँढ़ेगा।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 109

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन- अध्याय 109 मैं हर दिन कथनों को कह रहा हूँ, हर दिन बोल रहा हूँ, और हर दिन अपने महान संकेतों और चमत्कारों क...