3 सित॰ 2018

"भक्ति का भेद - भाग 2" (4) - परमेश्वर मानवजाति को बचाने के लिए दो बार देहधारण क्यों करते हैं

Hindi Christian Movie clip "भक्ति का भेद - भाग 2" (4) - परमेश्वर मानवजाति को बचाने के लिए दो बार देहधारण क्यों करते हैं

अनुग्रह के युग में, देहधारी परमेश्वर को सूली पर टांग दिया गया था, जब उन्होंने मनुष्य के पापों को अपने ऊपर लिया था और मानवजाति के छुटकारे के का कार्य पूरा किया था। अंत के दिनों में, परमेश्वर ने सत्य को व्यक्त करने और मनुष्य का पूरी तरह से शुद्धिकरण और बचाव करने के लिए एक बार फिर से देहधारण किया है।तो फिर परमेश्वर को मनुष्य के उद्धार का कार्य करने के लिए दो बार देहधारण करने की जरूरत क्यों पड़ती है? सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "प्रथम देहधारण यीशु की देह के माध्यम से मनुष्य को पाप से छुटकारा देने के लिए था, अर्थात्, उसने मनुष्य को सलीब से बचाया, परन्तु भ्रष्ट शैतानी स्वभाव तब भी मनुष्य के भीतर रह गया था। दूसरा देहधारण अब और पापबलि के रूप में कार्य करने के लिए नहीं है परन्तु उन्हें पूरी तरह से बचाने के लिए है जिन्हें पाप से छुटकारा दिया गया था। इसे इसलिए किया जाता है ताकि जिन्हें क्षमा किया गया उन्हें उनके पापों से छुटकारा दिया जा सके और पूरी तरह से शुद्ध किया जा सके, और वे स्वभाव में परिवर्तन प्राप्त कर सकें, उसके परिणामस्वरूप वे शैतान के अंधकार के प्रभाव को तोड़कर आज़ाद हो जाएँ और परमेश्वर के सिंहासन के सामने लौट आएँ। केवल इसी तरीके से ही मनुष्य को पूरी तरह से पवित्र किया जा सकता है। ...... दूसरा देहधारण मनुष्य को पापों से पीछा छुड़ाने और मनुष्य को पूरी तरह से पवित्र करने के लिए पर्याप्त है। इसलिए, दूसरा देहधारण देह में परमेश्वर के सभी कार्य को समाप्त करेगा और परमेश्वर के देहधारण के महत्व को पूर्ण करेगा।" ( वचन देह में प्रकट होता है)

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