4 सित॰ 2018

"भक्ति का भेद - भाग 2" (5)-परमेश्वर के दो बार देहधारण करने के महत्व को समझना

Hindi Christian Movie "भक्ति का भेद - भाग 2" (5)-परमेश्वर के दो बार देहधारण करने के महत्व को समझना


पहले देहधारी परमेश्वर को सूली पर टांग दिया गया था, इस प्रकार मानवजाति के छुटकारे का कार्य पूरा हुआ था। अंत के दिनों में, दूसरे देहधारी परमेश्वर सत्य को व्यक्त करते हैं, न्याय और ताड़ना का अपना कार्य करते हैं, मनुष्य को शैतान के क्षेत्र से पूरी तरह बचाते हैं। परमेश्वर के दो बार देहधारी होने का दूरगामी महत्व है, जैसा कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "यीशु ने कार्य का एक चरण किया, जिसने केवल "वचन परमेश्वर के साथ था" के सार को पूरा किया: परमेश्वर का सत्य परमेश्वर के साथ था, और परमेश्वर का आत्मा देह के साथ था और उससे अभिन्न था, अर्थात्, देहधारी परमेश्वर का देह परमेश्वर के आत्मा के साथ था, जो कि एक अधिक बड़ा प्रमाण है कि देहधारी यीशु परमेश्वर का प्रथम देहधारण था। कार्य के इस चरण ने "वचन देह बनता है" के आंतरिक अर्थ को पूरा किया, "वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था", को और गहन अर्थ प्रदान किया और तुम कोतुम्हें इन वचनों पर दृढ़ता से विश्वास करने की अनुमति देता है......" ( वचन देह में प्रकट होता है)

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