3 सित॰ 2018

"भक्ति का भेद - भाग 2" (3) - मसीह की सामान्य मानवता और भ्रष्ट मानवजाति की मानवता के बीच अंतर

Hindi Christian Movie clip "भक्ति का भेद - भाग 2" (3) - मसीह की सामान्य मानवता और भ्रष्ट मानवजाति की मानवता के बीच अंतर


परमेश्वर मनुष्य को बचाने के लिए देहधारण करते हैं और, बाहर से, देहधारी परमेश्वर एक साधारण व्यक्ति की तरह दिखाई देते हैं। लेकिन क्या आप देहधारी परमेश्वर की सामान्य मानवता और भ्रष्ट मानवजाति की मानवता के बीच मूलभूत अंतर को जानते हैं? सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर के आत्मा द्वारा धारण किया हुआ देह परमेश्वर का अपना देह है। परमेश्वर का आत्मा सर्वोच्च है; वह सर्वशक्तिमान, पवित्र और धर्मी है। तो इसी तरह, उसका देह भी सर्वोच्च, सर्वशक्तिमान, पवित्र और धर्मी है। ...... इस तथ्य के बावजूद कि मनुष्य और मसीह एक ही स्थान के भीतर रहते हैं, यह केवल मनुष्य है शैतान द्वारा जिस पर प्रभुत्व किया जाता है, जिसे उपयोग किया जाता है और फँसाया जाता है। इसके विपरीत, मसीह शैतान की भ्रष्टता के प्रति शाश्वत रूप से अभेद्य है, क्योंकि शैतान कभी भी उच्चतम स्थान तक आरोहण करने में सक्षम नहीं होगा, और कभी भी परमेश्वर के निकट नहीं पहुँच पाएगा।" ( वचन देह में प्रकट होता है)

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