20 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 47

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 47

धार्मिकता के सर्वशक्तिमान परमेश्वर—सर्वशक्तिमान! तुममें बिल्कुल कुछ भी छिपा हुआ नहीं है। प्राचीन काल से अनन्तकाल तक का प्रत्येक रहस्य जिसे मनुष्यों ने कभी प्रकट नहीं किया है, तुममें प्रकट और पूरी तरह से स्पष्ट है। हमें अब और तलाशने और टटोलने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आज तुम्हारा व्यक्तित्व हमारे लिए खुले तौर पर प्रकट है, तुम वो रहस्य हो जिसे प्रकट किया गया है, और तुम ही स्वयं जीवित परमेश्वर हो, और आज तुम हमारे आमने सामने आये हो, और हमारे लिए तुम्हारे व्यक्तित्व को देखना आध्यात्मिक क्षेत्र के हर रहस्य को जान लेना है। वास्तव में यह कुछ ऐसा है जिसकी कोई भी कल्पना नहीं कर सकता था! तुम आज हमारे बीच हो, यहाँ तक कि तुम हमारे भीतर भी हो, वास्तव में इतने करीब हो कि हमारे लिए इसका वर्णन करना भी बहुत मुश्किल है; इसके भीतर का रहस्य अनंत है!
सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने अपनी प्रबंधन योजना पूरी कर ली है। वह ब्रह्मांड का विजयी राजा है। सभी चीज़ें और सभी बातें उसके हाथों के नियंत्रण में हैं। सभी लोग आराधना में घुटने टेक देते हैं, सच्चे परमेश्वर-सर्वशक्तिमान का नाम पुकारते हैं। सभी चीज़ें, उसके मुंह से निकले वचनों के द्वारा, की जाती हैं। तुम सब इतने ढीले क्यों हो, खुद को उसके साथ ईमानदारी से काम करने के लिए प्रस्तुत करने में, उसके साथ करीब से जुड़ने में, और उसके साथ महिमा के भीतर जाने में, असमर्थ क्यों हो? क्या यह हो सकता है कि तुम पीड़ित होना चाहते हो? निष्कासित होना चाहते हो? तुम लोग सोचते हो कि मुझे यह पता नहीं है कि कौन ईमानदारी से मेरे प्रति समर्पित है, और किसने ईमानदारी से स्वयं को मेरे लिए खपाया है? अज्ञानी! मूर्खों! तुम मेरे इरादों को नहीं जान पाते हो, मेरे भार के प्रति विचारशीलता तो तुम और भी कम दिखाते हो, हमेशा तुम सब के बारे में चिंता करने के लिए मुझे मजबूर करते हो, तुम्हारे लिए परिश्रम करवाते हो। यह कब समाप्त होगा?
सभी चीज़ों में मुझे जीना, सभी चीज़ों में मुझे देखना—क्या इसका मतलब केवल दिखावटी प्रेम है? तुम नहीं जानते कि तुम्हारे लिए क्या अच्छा है! जिन चीज़ों को तुम करते हो, उन्हें तुम मेरे बिना ही करते हो, तुम्हारी दिनचर्या में मेरी उपस्थिति तो और भी कम है। मैं जानता हूँ कि तुम लोग परमेश्वर पर विश्वास करने को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लेते हो, और इसलिए ये परिणाम हैं जिन्हें तुम सब उत्पन्न करते हो। तुम अभी भी जागे नहीं हो, और यदि तुम इसी राह पर चलते रहोगे, तो तुम मेरा नाम बदनाम करोगे।
अपने आपसे पूछो, जब तुम बोलते हो, तो क्या मैं तुम्हारे साथ होता हूँ? जब तुम खाते या कपड़े पहनते हो तो क्या इसमें मेरा वादा होता है? तुम लोग वास्तव में विचारहीन हो! जब कोई बात समझानी होती है, यदि यह सीधे तुम्हारी ओर निर्देशित न हो, तो तुम अपने सच्चे रंग दिखाते हो, और तुम लोगों में से कोई भी विश्वास नहीं करता है। यदि यह इस तरह से न हो, तो तुम सभी अपने आपको महान समझ बैठोगे, और मानोगे कि तुम्हारे भीतर बहुत कुछ है। क्या तुम नहीं जानते कि तुम अपने अन्दर शैतान की कुरूपता से भरे हुए हो? इन सभी चीज़ों को बाहर निकाल देने के लिए मेरे साथ काम करो। मैं जो हूँ और मेरे पास जो है, उसे पूरी तरह से तुम्हारे अन्दर जगह बनाने दो, इस प्रकार तुम मुझे जी सकते हो, अधिक वास्तविकता के साथ मेरी गवाही दे सकते हो, तुम्हारे कारण अधिक लोगों को मेरे सिंहासन के सामने समर्पित होने के लिए प्रेरित कर सकते हो। तुम्हें पता होना चाहिए कि तुम सभी के कंधों पर कितना भारी बोझ है: मसीह को सराहना, मसीह को प्रकट करना, मसीह की गवाही देना, ताकि अनगिनत लोग उद्धार प्राप्त कर सकें और मेरा राज्य दृढ़ और अचल बना रहे। मैं यह सब बता देता हूँ ताकि तुम लोग आज के कार्य के महत्व को न समझते हुए अस्त-व्यस्त न बने रहो।
चीज़ों का सामना करते समय असहाय होना, जैसे कि गर्म कड़ाही में चींटियाँ हों—गोल गोल घूमती हुईं: यही तुम लोगों का स्वभाव है। बाहर से तुम वयस्कों की तरह दिखते हो, लेकिन तुम्हारा आंतरिक जीवन एक बच्चे का है, यह केवल परेशानी पैदा करने में सक्षम है, और मेरे बोझ को बढ़ाता है। यदि कोई अत्यंत छोटी बात भी हो जिसकी और मैं ध्यान न दूँ, तो तुम सब परेशानी खड़ी कर देते हो, क्या ऐसा नहीं है? आत्म-तुष्ट मत बनो। मैं जो कहता हूँ, वही सत्य है। हमेशा यह मत सोचो कि मैं तुम लोगों को लगातार भाषण दे रहा हूँ, कि मैं बड़ी-बड़ी बातें कर रहा हूँ। तुम लोगों की वास्तविक स्थिति ऐसी है।

स्रोत सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया

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