3 मई 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 25

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 25

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अनन्‍तकाल का पिता, शांति का राजकुमार, हमारा परमेश्वर राजा है! यह कितना खूबसूरत है जब सर्वशक्तिमान परमेश्वर के चरण जैतून के पर्वत पर चढ़ते हैं। सुनो! हम पहरूए पुकार रहे हैं; एक साथ जयजयकार कर रहे हैं, क्योंकि परमेश्वर सिय्योन में लौट आया है। हम अपनी आँखों से यरूशलेम को खंडहर होता देख रहे हैं। आओ, एक साथ उमंग में आकर जयजयकार करो, क्योंकि परमेश्वर ने हमें शान्ति दी है और यरूशलेम को छुड़ा लिया है। परमेश्वर ने सारी जातियों के सामने अपनी पवित्र भुजा प्रकट की है, परमेश्वर का वास्तविक स्‍वरूप प्रकट हुआ है! पृथ्वी के दूर-दूर देशों के सब लोग हमारे परमेश्‍वर का किया हुआ उद्धार देख लेंगे।
ओ, सर्वशक्तिमान परमेश्वर! तेरे सिंहासन से सात आत्माओं को सभी कलीसियाओं में भेजा गया है ताकि तेरे सभी रहस्यों को उजागर किया जा सके। तूने अपनी महिमा की राजगद्दी पर बैठकर न्‍याय और धर्म के द्वारा उसे स्थिर किए और सम्‍भाले रखा है, तूने सभी जातियों को अपने सामने दबा दिया है। ओ, सर्वशक्तिमान परमेश्वर! तूने राजाओं की कमर को ढीला किया है, अपने सामने फाटकों को ऐसा खोल दिया है कि वे फाटक बन्‍द न किए जाएँ। क्योंकि तेरा प्रकाश आ गया है और तेरा तेज़ उदित हुआ है। पृथ्‍वी पर तो अन्धियारा और राज्‍य–राज्‍य के लोगों पर घोर अन्‍धकार छाया हुआ है। हे परमेश्वर! परन्तु तू हम पर उदित हुआ है, और और तेरा तेज़ हम पर प्रगट हुआ है; जाति-जाति तेरे पास प्रकाश के लिये और राजा तेरे आरोहण के प्रताप की ओर आएँगे। तू अपनी आँखें उठाकर चारों ओर देखता है: वे सब-के-सब इकट्ठे होकर तेरे पास आ रहे हैं, तेरे पुत्र दूर से आ रहे हैं और तेरी पुत्रियाँ हाथों-हाथ पहुँचाई जा रही हैं। हे सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर, तेरा महान प्रेम हमें थाम लेता है; यह तू ही है, जो हमें तेरे राज्य को जाते मार्ग पर आगे बढ़ाता है और ये तेरे पवित्र वचन ही हैं जो हमें भेदते हैं।
ओ, सर्वशक्तिमान परमेश्वर! हम तुझे धन्यवाद देते हैं और हम तेरी प्रशंसा करते हैं! हम तेरी ओर देखें, तेरे दर्शन करें, तुझे ऊंचा उठाएं, और एक नेक, प्रशांत और एकचित्त ह्रदय के साथ तेरे लिए गाएँ; हमारा बस एक ही मन हो और हम एक साथ मिलकर निर्मित हों और जल्द ही, हम वैसे हो जाएँ जो तेरे दिल का अनुसरण करते हैं, और तेरे द्वारा काम में लाए जाएँ। हम चाहते हैं कि तेरी इच्छा पूरी पृथ्‍वी पर अबाधित रूप से पूरी हो।

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