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22 अग॰ 2018

10. परमेश्वर का प्रेम सर्वाधिक यथार्थ है

वेंझोंग बीजिंग शहर
11 अगस्त 2012
21 जुलाई 2012 की रात को हमारे यहाँ एक भयावह बाढ़ आई थी। इस प्रकार की दुर्घटनाएं कभी कभी ही घटित होती है। मैंने इस दुर्घटना के दौरान क्या अनुभव किया और मैंने क्या देखा; उन सभी लोगों को बताना चाहती हूँ जो लोग परमेश्वर के लिए लालायित रहते हैं।

1. सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने मुझे जिंदगी में दूसरा मौका दिया है

दो साधारण भाई व बहन, बीजिंग
15 अगस्त, 2012
मेरे लिए 21 जुलाई 2012 सबसे अविस्मरणीय दिन था, साथ ही साथ मेरी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण दिन भी।
उस दिन, बीजिंग में फांगशान जिले में भारी बारिश हो रही थी, सबसे भारी बारिश जो हमने इकसठ सालों में वहां देखी थी। शाम 4 बजे के थोड़ी देर बाद, मैं यूं ही नज़र डालने के लिए सड़क की ओर गया और देखा कि सब ओर पानी था। हमारी परिवार की कार पहले ही बह रही थी, लेकिन वह अभी तक बह कर आगे नहीं गई थी तो इसका एकमात्र कारण यह था कि इसके सामने कुछ था जो इसे आगे बहने से रोक रहा था। इस नजारे ने मुझे बहुत चिंतित कर दिया, तो मैंने जल्दी से अपने पति को बुलाया, वह भी एक विश्वासी हैं, लेकिन मैं कितनी ही बार कोशिश की पर मेरी उनसे बात नहीं हो पाई। फिर, परमेश्वर की इच्छा जानने की बजाय, मैं उन्हें बुलाने के लिए जल्दी से घर की ओर जाने लगी।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 109

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन- अध्याय 109 मैं हर दिन कथनों को कह रहा हूँ, हर दिन बोल रहा हूँ, और हर दिन अपने महान संकेतों और चमत्कारों क...