17 सित॰ 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "पतरस ने यीशु को कैसे जाना"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "पतरस ने यीशु को कैसे जाना"



सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "तुम लोगों को उस मार्ग के बारे में स्पष्ट होना चाहिए जिस पर तुम लोग चलते हो; तुम लोगों को उस मार्ग के बारे में जिसे तुम भविष्य में लोगे, और इस बारे में कि यह क्या है जिसे परमेश्वर पूर्ण बनाएगा, और तुम्हें क्या सौंपा गया है, स्पष्ट होना चाहिए।एक दिन, शायद, तुम लोगों की परीक्षा ली जाएगी, और तब यदि तुम लोग पतरस के अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त करने में समर्थ होगे, तो यह इस बात को दर्शाएगा कि तुम लोग वास्तव में पतरस के मार्ग पर चल रहे हो। पतरस के विश्वास और प्रेम के लिए, तथा परमेश्वर के प्रति उसकी निष्ठा के लिए उसकी परमेश्वर के द्वारा प्रशंसा की गई थी। और यह उसके हृदय में परमेश्वर के लिए ईमानदारी और ललक ही थी कि परमेश्वर ने उसे पूर्ण बनाया। यदि तुम लोगों के पास पतरस के जैसा प्रेम और विश्वास है, तो यीशु तुम लोगों को निश्चित रूप से पूर्ण बनाएगा।"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-अध्याय 109

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन- अध्याय 109 मैं हर दिन कथनों को कह रहा हूँ, हर दिन बोल रहा हूँ, और हर दिन अपने महान संकेतों और चमत्कारों क...