29 सित॰ 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "अंतिम दिनों का परमेश्वर मनुष्य को पूर्ण बनाने के लिए मुख्यतः वचनों का उपयोग करता है। वह मनुष्यों का दमन करने, या उन्हें मनाने के लिये संकेतों और चमत्कारों का उपयोग नहीं करता है; इससे परमेश्वर की सामर्थ्य को स्पष्ट नहीं किया जा सकता है। यदि परमेश्वर केवल संकेतों और चमत्कारों को दिखाता, तो परमेश्वर की वास्तविकता को प्रकट करना लगभग असंभव होता, और इस तरह मनुष्य को पूर्ण बनाना भी असंभव हो जाता। परमेश्वर संकेतों और चमत्कारों के द्वारा मनुष्य को पूर्ण नहीं बनाता है किन्तु वचन का उपयोग मनुष्यों को सींचने और उनकी चरवाही करने के लिए करता है, जिसके बाद मनुष्य की पूर्ण आज्ञाकारिता प्राप्त होती है और मनुष्य का परमेश्वर का ज्ञान प्राप्त होता है। यही उसके द्वारा किये गए कार्य और बोले गये वचनों का उद्देश्य है। परमेश्वर मनुष्यों को पूर्ण बनाने के लिए संकेतों एवं चमत्कारों को दिखाने की विधि का उपयोग नहीं करता है—वह मनुष्यों को पूर्ण बनाने के लिए वचनों का उपयोग करता है, और कार्य की कई भिन्न विधियों का उपयोग करता है। चाहे यह शुद्धिकरण, व्यवहार, काँट-छाँट, या वचनों का प्रावधान हो, मनुष्यों को पूर्ण बनाने के लिए, और मनुष्य को परमेश्वर के कार्य, उसकी बुद्धि और चमत्कारिकता का और अधिक ज्ञान देने के लिए परमेश्वर कई भिन्न-भिन्न दृष्टिकोणों से बोलता है। अंत के दिनों में जब परमेश्वर युग का समापन करता है, उस समय जब मनुष्य को पूर्ण बना दिया जाता है, तब वह संकेतों और चमत्कारों को देखने के योग्य हो जाएगा।"

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